समस्तीपुर :- समस्तीपुर जिले के प्रारंभिक सरकारी व अन्य स्कूलों के छात्र-छात्राओं को आने वाले नए शैक्षणिक सत्र 2023-24 से पढ़ाई के लिए किताब मद की राशि उनके खाते में नहीं भेजी जाएगी। इसकी जगह पूर्व की तरह बिहार राज्य पाठ्य पुस्तक प्रकाशन लिमिटेड की किताबें उनके हाथों में मिलेगी। 1-8 क्लास तक नामांकित कुल सात लाख 63 हजार सात सौ पचासी स्कूली बच्चों के लिए किताबों की डिमांड की गई है।
डीईओ मदन राय ने बिहार शिक्षा परियोजना परिषद, शिक्षा विभाग के निदेशक को डिमांड भेजी है। डिमांड के अनुसार किताबों की छपाई करने के बाद जिले को भेजी जाएगी। पिछले कई सालों से स्कूली बच्चों को उक्त किताबें नहीं दी जा रही थी। इसकी जगह बच्चों के बैंक खाते में किताब मद की राशि भेजी जाती है। इसमें समस्या यह आने लगी कि खाते में किताब के पैसे भेजने के बाद भी कई बच्चे किताबें खरीदते ही नहीं थे। इस राशि को वे निकाल कर दूसरे मद में खर्च कर देते थे।
इस तरह की समस्या आने के बाद से अब व्यवस्था बदल दी गई है। कोरोना काल से पहले किताबों के लिए पैसे बच्चों के खातों में नहीं भेजी जाती थी। इसकी जगह बच्चों को किताबें छपवा कर दी जाती थीं। इस दौरान कई अभिभावकों ने बताया कि बच्चों के खाते में किताब मद के पैसे भेजने की व्यवस्था खत्म करने से भी समस्या का निदान नहीं हो पाएगी। क्योंकि बच्चों को किताबें ही समय पर नहीं मिल पाएगी जैसा कि कोरोना काल से पहले हो रहा था। ऐसे में बच्चों को बिना किताबों की ही पढ़ाई करनी होगी।
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