समस्तीपुर :- समस्तीपुर जिले के सरायरंजन प्रखंड के नरघोगी में 75 करोड़ रुपए की लागत से बने इंजीनियरिंग कॉलेज का विधिवत उद्घाटन सीएम नीतीश कुमार ने शुक्रवार को किया. इस दौरान महागठबंधन के नेताओं सहित बिहार सरकार के कई मंत्री, विधायक, विभागीय सचिव सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता व ग्रामीण उपस्थित हुए.
उद्घाटन के बाद सीएम ने जनसभा को सम्बोधित करते हुए सरकार के काम को विस्तार से बताया. साथ ही इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए जमीन देने के लिए क्षेत्र के विधायक सह वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी को धन्यवाद भी दिया. उन्होंने कहा कि कॉलेज के शुरू होने से यहां के लोगों की भी तरक्की होगी. साथ ही देश प्रदेश स्तर पर सरायरंजन का नाम होगा.
उद्घाटन के बाद सीएम नीतीश कुमार ने सरायरंजन के नरघोगी में ही बन रही मेडिकल कॉलेज व अस्पताल का भी निरीक्षण किया. साथ ही बनने वाली मेडिकल कॉलेज से जुड़ी एक एक चीज की जानकारी लेते हुए अधिकारीयों को विशेष निर्देश भी दिया. उद्घाटन के अवसर पर मंत्री विजय कुमार चौधरी, आलोक कुमार मेहता, श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, सुमित कुमार सिंह, राज्यसभा सांसद रामनाथ ठाकुर, कई विधायक, आईजी, डीएम, एसपी, एसडीओ, एसडीपीओ, सीओ, बीडीओ सहित भारी संख्या में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे.
इसको लेकर बताया जाता है कि शिलान्यास के समय 2019 से ही यहां पढ़ाई शुरू करा दी गई थी. उस समय कॉलेज में तीन विषयों इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल व सिविल में इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए नामांकन लिया जाता था. इसके लिए कॉलेज में 240 सीटों का प्रावधान किया गया था. जबकि वर्तमान सत्र 2022 में कम्प्यूटर साइंस (साइबर सिक्यूरिटी) इंजीनियरिंग की भी मंजूरी दे दी गई है. जिसमें 60 सीटें उपलब्ध कराई जाएगी. अब कॉलेज में इंजीनियरिंग की 300 सीटों पर छात्र-छात्राओं को नामांकन मिल पाएगा. वहीं 5 फीसदी सीटें ईबीसी कोटे के लिए अलग से प्राप्त हैं.
2019 से तीन सेशन के विद्यार्थी मुजफ्फरपुर के एमआईटी में पढ़ाई कर रहे थे, जबकि नए सत्र से पढ़ाई की व्यवस्था यहीं रहेगी. वर्तमान संकाय 2022 में जेई मेन्स से पास होकर आए 52 छात्रों का नामांकन पहली काउंसिलिंग के माध्यम से किया गया. वहीं इसकी दूसरी काउंसिलिंग में भी जेई मेन्स पास बच्चों को ही लिया जाएगा जबकि उसके बाद बची सीटों पर बिहार इंजीनियरिंग पास वालों का नामांकन होगा.
इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में 300 छात्र व 200 छात्रा की क्षमता का छात्रावास भी बनाया गया है. कॉलेज के उद्घाटन बाद 15 अक्टूबर से छात्रावास में छात्र रहना शुरू करेंगे. यहां रहने वाले छात्र-छात्राओं को 15 हजार रुपए प्रतिवर्ष छात्रावास चार्ज के अलावा 3500 प्रतिमाह मेस शुल्क देना होगा.
इंजीनियरिंग कॉलेज का भवन ग्राउंड के अलावा तीन मंजिला है. जिसमें विभिन्न कोर्स के लिए मशीन लैब, जियोटेक इंजीनियरिंग, हीट एंड मास ट्रांसफर, डायनामिक ऑफ मशीनरी, नेटवर्क थ्योरी सहित 24 लैब मौजूद हैं. वहीं स्मार्ट कम्प्यूटर सहित 42 क्लास रूम, सेमिनार हॉल व सभी के लिए अलग-अलग शौचालय भी बनाया गया हैं.
बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का पहला मुख्यमंत्री बनाकर सरकार और राजकाज को अपने…
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर जनता दल यूनाइटेड (JDU) में चर्चा…
बिहार में राज्यसभा की 5 सीटों के चुनाव के लिए NDA की तरफ से 3…
बिहार में होली के बाद नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश…
बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पटना मेडिकल कॉलेज हॉस्पीटल(पीएमसीएच) में धरती के भगवान पर…
ईरान युद्ध के बीच बढ़ते तेल संकट के कारण भारत एक बार फिर से रूस…