राज्य के सरकारी और प्राइवेट बीएड कॉलेजों में नामांकन लेने वाले हजारों छात्र परेशान हैं। उनकी परेशानी का कारण बीएड नामांकन की काउंसिलिंग में स्लाइडअप (स्विचओवर या विकल्प छोड़ना) का मौका नहीं दिया जाना है। नोडल विश्वविद्यालय ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय ने पहली बार काउंसिलिंग में स्लाइडअप और स्पॉट राउंड की छूट खत्म कर दी है।
यानी पहली मेधा सूची के आधार पर एलॉट कॉलेज में नामांकन नहीं लेते हैं तो छात्र-छात्राओं को दुबारा मौका नहीं दिया जाएगा। उन्हें नामांकन से ही सीधे बाहर कर दिया जाएगा। अब छात्रों के सामने परेशानी है कि दूरदराज के एलॉट कॉलेज में मजबूरी में नामांकन लें या फिर अगली प्रवेश परीक्षा का इंतजार करें। पहली मेधा सूची के आधार पर 22 अगस्त तक फीस जमा करनी है। 26 अगस्त तक हर हाल में नामांकन करा लेना है। इस बार छात्रों को पहली बार में ही कम से कम पांच और अधिक से अधिक 12 कॉलेजों के चयन का मौका दिया गया था।
ऐसी काउंसिलिंग का क्या फायदा : छात्र राकेश कुमार, छात्रा सौम्या, श्रेया का कहना है कि स्लाइडअप का मौका नहीं है तो फिर काउसिलिंग का क्या फायदा। अन्य प्रवेश परीक्षाओं में काउंसिलिंग का मतलब होता है कि फीस जमाकर छात्र रजिस्ट्रेशन करा लें। एलॉट हुआ कॉलेज पसंद है तो सर्टिफिकेट का सत्यापन कराकर नामांकन ले लें। एलॉट कॉलेज पसंद नहीं है तो दुबारा मौका मिलना चाहिए। इस बार छात्र-छात्राओं को यह छूट नहीं दी गई है। जबकि इंजीनियरिंग, मेडिकल और अन्य प्रवेश परीक्षाओं में स्विच ओवर का मौका दिया जाता है।
निजी कॉलेजों में तय फीस के अलावा भी देना पड़ता है : सरकारी कॉलेजों में सीटें कम हैं। यहां कम फीस में नामांकन होता है पर प्राइवेट कॉलेजों में तय फीस के अलावा खुलेआम लूट होती है। उपस्थिति बनाने से लेकर प्रोजेक्ट बनाने की अलग से रकम वसूली जाती है। सरकार की ओर से प्राइवेट कॉलेजों का जरूरत से ज्यादा पहले ही डेढ़ लाख रुपये फीस तय कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त भी फीस चुकानी पड़ती है।
● ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय ने वर्ष 2020 के नामांकन में तीन मेधा सूची निकालने के बाद स्पॉट राउंड का भी मौका दिया था। इस प्रक्रिया में स्लाइडअप का मौका था।
● एलएनएमयू ने वर्ष 2021 के नामांकन में भी यही प्रक्रिया अपनाई। बाद में सीटें नहीं भरने पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर खुला नामांकन की छूट दी गई थी।
● एलएनएमयू ने वर्ष 2022 में छात्रों को काउंसिलिंग में स्लाइडअप का कोई मौका नहीं दिया है।
● 1,47,525 अभ्यर्थियों ने परीक्षा में सफलता प्राप्त की थी।
● 94248 सफल अभ्यर्थियों ने कराया पंजीयन
● अभ्यर्थी को एक या एक से अधिक विश्वविद्यालयों के न्यूतम पांच और अधिकतम 12 महाविद्यालयों को चुनने का विकल्प मिला
● राज्य भर के 14 विश्वविद्यालयों के 340 बीएड महाविद्यालयों/संस्थानों में 37,200 सीटों पर नामांकन होना है। इसमें 6 सरकारी, 29 अंगीभूत, 305 निजी, 20 अल्पसंख्यक, 8 महिला व एक पुरुष कॉलेज शामिल है।
एक कॉलेज के प्राचार्य ने बताया कि पूर्णिया और छपरा के छात्र-छात्राओं को बिहारशरीफ का कॉलेज एलॉट कर दिया गया है। यह स्थिति सैकड़ों छात्र-छात्राओं के साथ है। जहां आवागमन की सुविधा नहीं है। उन कॉलेजों में नियमित कक्षाएं तक नहीं होती। सुविधा के नाम पर सिर्फ भवन है।
इस बार मेधा के आधार पर एलॉट कॉलेज में ही नामांकन लेना है। दोबारा मौका नहीं दिया जाएगा। छात्रों को 12 कॉलेज चयन करने का मौका दिया गया है। पिछली बार स्लाइड का मौका देने से परेशानी हुई थी।
-डॉ. अशोक मेहता, नोडल पदाधिकारी, एलएनएमयू
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