फूट-फूटकर रोने वाले शिवचंद्र राम का इस्तीफा नामंजूर, राजद ने कहा- पुराने सिपाही हैं; पार्टी में बने रहेंगे

राजद ने शिवचंद्र राम का इस्तीफा नामंजूर कर दिया है। वे पार्टी में बने रहेंगे। एक दिन पहले उन्होंने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफे का एलान किया था। विधान परिषद चुनाव में टिकट नहीं मिलने से वे आहत थे। प्रेस कांफ्रेंस में वे फूट-फूटकर रोने लगे थे। उन्होंने उपेक्षा और मान-सम्मान नहीं मिलने का आरोप लगाया था। बाद में उनकी तबीयत भी खराब हो गई थी। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के बाद उनकी तबीयत में सुधार हुआ।
राजद के पुराने सिपाही हैं शिवचंद्र
राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने बताया कि एक दिन पूर्व उन्होंने कुछ प्रतिक्रियाएं देते हुए इस्तीफा दे दिया। इसके बाद मुख्य सचेतक कुमार सर्वजीत और अन्य नेताओं ने उनसे बातचीत की। उन्हें समझाया और इसके बाद उनका इस्तीफा नामंजूर कर दिया गया। शक्ति सिंह यादव ने कहा कि वे राजद के पुराने सिपाही हैं। सामाजिक न्याय के प्रति उनकी आस्था है। सोमवार को हुए नाटकीय घटनाक्रम के बाद सियासत तेज हो गई थी। दिन में राजद उम्मीदवार के रूप में डॉ. सुनील कुमार सिंह ने नाॅमिनेशन किया था।

रोहिणी आचार्य ने भी जताया था विरोध
हालांकि उनकी उम्मीदवारी पर लालू परिवार में ही विरोध शुरू हो गया। रोहिणी आचार्य ने उनको उम्मीदवार बनाए जाने पर तीखा हमला बोला था।
इस्तीफे की घोषणा के बाद तेज प्रताप यादव ने भी आलोचना की थी, कहा था कि उनकी पार्टी जनशक्ति जनता दल उनके साथ है। इधर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी भी इस मामले में कूद पड़े थे। उन्हें शिवचंद्र के बहाने राजद पर जमकर निशाना साधा था।



