Bihar

तेजस्वी को बड़ा झटका, ओवैसी से बात टूटी; NDA और MGB के खिलाफ तीसरा अलायंस बनाएगी AIMIM

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असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम राज्य में तीसरा मोर्चा के गठन की पहल करेगी। पार्टी विधायक दल के नेता अख्तरुल ईमान ने तीसरा मोर्चा बनाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि महागठबंधन से सकारात्मक जवाब नहीं आने के बाद वे समान विचारधारा के दलों के साथ तीसरा मोर्चा बनाएंगे। पिछले दिनों अख्तरुल ईमान ने धर्मनिरपेक्ष वोटों के बिखराव को रोकने के लिए महागठबंधन में शामिल होने की मंशा जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि वे सांप्रदायिक ताकतों को रोकने के लिए किसी गठबंधन में शामिल हो सकते हैं।

उन्होंने यह भी कहा था कि वे ऐसे आमंत्रण का इंतजार करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। ऐसे में अब उन्होंने इन सबसे अलग रास्ता चुनने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही वे इस दिशा में काम शुरू करेंगे। विधानसभा चुनाव के पहले ताकतवर तीसरा मोर्चा स्वरूप ले लेगा। यह मोर्चा हर हाल में बिहार में सांप्रदायिक शक्तियों का रास्ता रोकेगा। इससे पहले इस बात के संकेत खुद AIMIM के अध्यक्ष ओवैसी ने दिए थे। उन्होने कहा था कि अगर इंडिया अलायंस बिहार में एनडीए की सत्ता में वापसी को रोकना चाहता है, तो हम साथ चलने को तैयार हैं। लेकिन फैसला महागठबंधन के सहयोगी दलों को लेना है। अगर वो तैयार नहीं होते हैं, तो हमारी पार्टी सीमांचल के बाहर भी चुनाव लड़ेगी।

ऐसे में महागठबंधन का नेतृत्व कर रहे तेजस्वी यादव के लिए झटका हो सकता है। क्योंकि पिछली बार के चुनाव में एमआईएमआईएम ने तेजस्वी को काफी नुकसान पहुंचाया था। मुस्लिम वोटर्स के बिखराव का फायदा बीजेपी को हुआ था। और सीमांचल में 8 सीटें जीतने में कामयाब रही थी।

बीते दिनों AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा था कि वो महागठबंधन के प्रस्ताव का इंतजार कर रहे हैं। समान विचारधारा के वोटों में बिखराव को रोकने को खुद महागठबंधन से अलांयस की पेशकश की थी। लेकिन महागठबंधन की ओर से कोई सहमति बनते नहीं देख अब तीसरा मोर्चा बनाने की घोषणा की है।

आपको बता दें इससे पहले 2020 के चुनाव में ओवैसी की पार्टी ग्रैंड डेमोक्रेटिक सेकुलर फ्रंट के बैनर तले चुनाव लड़ी थी। जिसमें उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी आरएलएसपी, मायावती की बसपा, ओवैसी की एआईएमआईएम समेत 6 पार्टियां शामिल थी। 19 सीटों पर लड़ने वाली ओवैसी की पार्टी 5 सीटें जीती थी। ये सभी सीमांचल की सीटें थीं। हालांकि बाद में चार विधायक आरजेडी में चले गए थे। और अब ओवैसी की पार्टी के एकमात्र विधायक अमौर से अख्तरूल ईमान हैं। जो पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं।

आपको बता दें हाल में ओवैसी की पार्टी के महागठबंधन में शामिल होने की चर्चा तेज हो गई थी। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के मुताबिक महागठबंधन के कई नेताओं से उनकी बात चल रही थी। हालांकि एक इंटरव्यू में जब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से इस मामले पर सवाल किया गया तो उन्होने एआईएमआईएम की ओर से किसी भी प्रस्ताव के मिलने की बात को खारिज कर दिया था। जिसके बाद से महागठबंधन में ओवैसी की पार्टी के शामिल होने की उम्मीद और धुंधली हो गई थी।

Avinash Roy

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