राजद सुप्रीमो लालू यादव ने जातिवाद को बताया कैंसर, कहा- सिरदर्द की दवा खाने से नहीं होगा इसका इलाज
बिहार में जाति गणना पर हो रही राजनीतिक बयानबाजी के बीच आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने एक बार फिर बड़ा बयान दिया है. लालू यादव ने जाति गणना पर सवाल उठानेवालों को आड़े हाथों लिया है. सोमवार को आरजेडी सुप्रीमो ने ट्वीट कर तंज कसा है. लालू प्रसाद यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए अपनी बात कही है. लालू यादव ने जातिवाद की तुलना कैंसर से की है. उन्होंने लिखा है कि कैंसर का इलाज सिरदर्द की दवा लेने से नहीं होगा.
कैंसर का इलाज सिरदर्द की दवा खाने से नहीं होगा
लालू प्रसाद यादव ने लिखा है कि जातिगत जनगणना के विरुद्ध जो भी लोग हैं, वो इंसानियत, सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक बराबरी तथा समानुपातिक प्रतिनिधित्व के खिलाफ है. ऐसे लोगों में रत्तीभर भी न्यायिक चरित्र नहीं होता है. किसी भी प्रकार की असमानता एवं गैरबराबरी के ऐसे समर्थक अन्यायी प्रवृत्ति के होते है, जो जन्म से लेकर मृत्यु तक केवल और केवल जन्मजात जातीय श्रेष्ठता के आधार एवं दंभ पर दूसरों का हक खाकर अपनी कथित श्रेष्ठता को बरकरार रखना चाहते है. कैंसर का इलाज सिरदर्द की दवा खाने से नहीं होगा.

जातिगत जनगणना के विरुद्ध जो भी लोग है वो इंसानियत, सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक बराबरी तथा समानुपातिक प्रतिनिधित्व के ख़िलाफ है। ऐसे लोगों में रत्तीभर भी न्यायिक चरित्र नहीं होता है।
किसी भी प्रकार की असमानता एवं गैरबराबरी के ऐसे समर्थक अन्यायी प्रवृत्ति के होते है जो जन्म से…
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) October 9, 2023

बिहार सरकार की तरफ से जातीय गणना के आंकड़े सार्वजनिक करने के साथ ही इसको लेकर सियासी सग्राम छिड़ गया है. एक तरफ जहां मुख्यमंत्री और सत्ताधारी दल इसको लेकर अपनी पीठ थपथपा रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ विपक्षी दल इसको लेकर सरकार पर हमलावर बने हुए हैं. विपक्षी दलों और विभिन्न जातियों के संगठनों का आरोप है कि सरकार ने जातीय गणना में बड़ी हेराफेरी की है. आंकड़ों को लेकर छिड़े सियासी संग्राम पर लालू ने हमला बोला है. आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद ने बीजेपी और उन तमाम विपक्षी दलों पर हमला बोला है जो जातीय गणना के आंकड़ों पर सवाल उठा रहे हैं.





