दरभंगा में बिहार के दूसरे एम्स के निर्माण पर केंद्र और राज्य सरकारों के बीच घमासान मचा है। दोनों सरकारों के मंत्रियों और नेताओं के बीच बयानबाजी की जंग छिड़ी है। कभी मीडिया से कुछ कहा जाता है तो कभी सोशल मीडिया पर वॉर शुरू हो जाता है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया और बिहार से स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी यादव के बीच छिड़ी जुबानी जंग में बीजेपी, राजद, जेडीयू और कांग्रेस के नेताओं ने अपने अपने आकाओं के पक्ष में भड़ास निकाली
मुख्य मंत्री नीतीश कुमार ने इस सियासी घमासान पर चुप्पी तोड़ी है। सीएम ने मोदी सरकार को दो टूक जवाब दिया है। उन्होंने कहा है कि दरभंगा में हमने जो जमीन चुनी है वह सबसे उपयुक्त है। एम्स का निर्माण वहीं पर करना होगा। अगर केंद्र सरकार ऐसा नहीं करती है तो फिर उनकी इच्छा जो करें। दरभंगा के शोभन बायपास से पास एम्स की स्थापना के लिए 151 एकड़ जमीन दी गई है। पहले दरभंगा मेडिकल कॉलेज परिसर में इसके लिए जमीन दी गई थी लेकिन बाद में नीतीश कुमार ने अपना फैसला बदल दिया। लेकिन, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम ने इस जमीन को लो लैंड बताते हुए मिट्टी जांच में बेकार करार दिया।
नीतीश कुमार ने जमीन के नीचे होने का आरोप खारिज किया है। उन्होंने कहा है कि हम जमीन ऊंची करके देंगे। उन्होंने कहा है कि इसके दोनों तरफ रास्ते का निर्माण कराया जाएगा। यही नहीं कई अन्य सुविधाएं भी मुहैया करवाए जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि इससे दरभंगा का भी विकास होगा। पटना में मुख्यमंत्री ने जेपी गंगा पथ के दूसरे चरण के निर्माण के उद्घाटन के बाद मीडिया से बात करते हुए ये बातें कही। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि दरभंगा मेडिकल कालेज अस्पताल का और विस्तार किया जाएगा। इसे पीएमसीएच की तर्ज पर इसे भी बेहतर बनाया जाएगा।
दर असर सितंबर 2020 में ही बिहार को दूसरे एम्स की सौगात मिली जिसे दरभंगा में बनाए जाने पर समहमति बनी। दरभंगा एम्स को प्रधानमंत्री ने 19 सितंबर 2020 में ही स्वीकृति दी थी। तत्कालीन बिहार सरकार ने नवंबर 2021 में एम्स दरभंगा के लिए डीएमसीएच परिसर में जमीन देने की स्वीकृति दे दी। उस जमीन पर 48 महीनों में 1264 करोड़ की अनुमानित लागत से एम्स का निर्माण होना तय किया जाएगा। केंद्र सरकार ने पदाधिकारी बहाल कर दिया और काम भी शुरू हो गया पर। लेकिन आरजेडी-जेडीयू-कांग्रेस की महागठबंधन की सरकार बनने के बाद दरभंगा एम्स के लिए तय की गई जमीन को महागठबंधन सरकार ने आनन-फानन में बदल दिया। अपनी यात्रा के दौरान सीएम नीतीश कुमार ने शोभन बाइपास के पास 151एकड़ जमीन आवंटित करने की घोषणा कर दी। यह इलाका बाढ़ग्रस्त है जहां पानी लगता है। पिछले दिनों संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक बयान के बाद दरभंगा एम्स काम शुरू होने से पहले ही शियासत का शिकार बन गया है।
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