बिहार सरकार के द्वारा राज्य में पौने दो लाख शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने संबंधी निर्णय को चुनौती देते हुए एक याचिका पटना हाइकोर्ट में दायर की गयी है. प्रभाकर रंजन व अन्य बीस याचिकाकर्ताओं की ओर से दायर की गयी याचिका में शिक्षकों के नियुक्ति प्रक्रिया की वैधता को चुनौती दी गयी है.
टीइटी शिक्षक संघ की ओर से अध्यापक नियमावली 2023 को रद्द कराने, शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण दो लाख टीइटी शिक्षकों को ज्वाइनिंग डेट से राज्य कर्मी का दर्जा देने के लिए हाइकोर्ट में याचिका दायर की गयी है.
टीइटी शिक्षक संघ की ओर से प्रदेश अध्यक्ष अमित विक्रम, औरंगाबाद से चंदशेखर वर्मा, किशनगंज से फासीह अहमद एवं यूपी के गाजीपुर जिले के रहनेवाले हैदर खान भी टीइटी शिक्षकों को ज्वाइनिंग डेट से राज्य कर्मी का दर्जा देने हेतु दायर याचिका में याचिकाकर्ता बने हैं.
याचिका की सुनवाई गर्मी छुट्टी के तत्काल बाद होगी. टीइटी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अमित विक्रम ने कहा की अध्यापक नियमावली 2023 पूरी तरह से और संवैधानिक एवं कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन करनेवाली नियमावली है.
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