बिहार लोक सेवा आयोग की 67वीं प्रारंभिक परीक्षा में प्रश्न पत्र लीक होने और सभी परीक्षा केंद्रों को रद्द करने के साथ पुनर्परीक्षा लेने से न सिर्फ छात्र-छात्राओं को काफी परेशानी हुई थी। बल्कि बिहार लोक सेवा आयोग की भी खूब फजीहत हुई थी। परीक्षा के बाद जिस तरह से 9 प्रश्नों के उत्तर आपत्ति के बाद बदले गए।
उससे भी साफ हुआ कि 150 सवाल भी ठीक से नहीं पूछ पाता बिहार लोक सेवा आयोग, तब एक प्रश्न के बदले में 15 और रिजल्ट भी देना पड़ा था। इसको लेकर छात्र-छात्रों का आंदोलन लगातार चला। मुख्यमंत्री आवास के बाहर पहुंच कर प्रदर्शन किया गया। अब तमाम चुनौतियों और सतर्कता के साथ आयोग 68वीं पीटी की परीक्षा 12 फरवरी, रविवार को लेने जा रहा है।
पहली बार निगेटिव मार्किंग होगी
बिहार लोक सेवा आयोग अपने इतिहास में पहली बार निगेटिव मार्किंग के तहत पीटी की परीक्षा लेने जा रहा है। 67वीं परीक्षा के लिए कुल पदों की संख्या 324 है।12 फरवरी, रविवार को आयोजित पीटी को लेकर आयोग ने दिशा-निर्देश भी अपनी वेबसाइट पर जारी कर रखा है। आयोग ने साफ-साफ कहा है कि कदाचार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
इलेक्ट्रॉनिक सामान के साथ पकड़े जाने वाले परीक्षार्थियों को 5 साल के लिए परीक्षा से डिबार कर दिया जाएगा। परीक्षा के बारे में अफवाह फैलाने वालों को 3 साल के लिए डिबार किया जाएगा। यही नहीं इन परीक्षार्थियों के बारे में यूपीएससी सहित विभिन्न राज्यों की पीसीएस को भी जानकारी भेजी जाएगी।
राज्य भर में 850 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं
जानकारी है कि बीपीएससी ने 68 वीं पीटी के लिए बिहार के 38 जिलों में 850 परीक्षा केंद्र बनाए हैं। पटना में 68 केंद्रों पर 40478 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। आयोग के सचिव और परीक्षा नियंत्रक रविभूषण ने बताया कि इस बार की पीटी परीक्षा में 4 लाख 34 हजार 661 आवेदन आए हैं। पीटी की परीक्षा में पहले ही की तरह 150 प्रश्न पूछे जाएंगे लेकिन इस बार वन फोर्थ नेगेटिव मार्किंग लागू होगी। यानी 4 सवालों के गलत उत्तर आप देंगे तो आपके एक नंबर काट लिए जाएंगे।
E ऑप्शन हटाने की मांग हुई लेकिन…
छात्र-छात्राओं की लगातार मांग रही कि आयोग को प्रश्नों के ऑप्शन से E ऑप्शन को हटा देना चाहिए। लेकिन आयोग ने इसको लेकर कोई फैसला नहीं लिया है। इसलिए इस बार भी E ऑप्शन भी प्रश्नों के साथ आपको दिखेगा। छात्र-छात्राओं का आरोप रहा है कि आयोग E ऑप्शन के जरिए अपनी गलतियां छिपाने का काम करता है जबकि आयोग का कहना रहा है कि E ऑप्शन के जरिए वह अभ्यर्थियों के ज्ञान की अच्छी तरह से परख करता है।
ओएमआर शीट रंगते समय सावधानी बरतें
आयोग ने परीक्षा में सख्ती बरतने के लिए यह तय किया है कि कोई भी अभ्यर्थी ओएमआर शीट से छेड़छाड़ करेंगे तो उसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। ओएमआर सीट पर व्हाइटनर का इस्तेमाल करने पर निगेटिव मार्किंग दी जाएगी, इसलिए इस बार अभ्यर्थियों को ओएमआर शीट रंगते समय काफी सावधानी बरतनी चाहिए और साथ ही समय का ख्याल भी रखना चाहिए।
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