हिंदू धर्म ग्रंथ रामचरितमानस को समाज में नफरत फैलाने वाला ग्रंथ बताने वाले बिहार के शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर के खिलाफ भाजपा ने हमला तेज कर दिया है। चंद्रशेखर पर बिहार के विभिन्न जिलों में मुकदमों की श्रृंखला चल गई है। बिहार के सभी 38 जिलों में शिक्षा मंत्री पर मुकदमा चलेगा।
राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि बीजेपी कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री के खिलाफ बिहार के 30 जिलों में नालीसी वाद दर्ज कराया है बहुत जल्द सभी 38 जिलों में केस दर्ज हो जाएगा। सुशील मोदी ने कहा कि वोट बैंक पॉलिटिक्स के तहत आरजेडी के चंद्रशेखर ने यह विवादित और अपमानजनक बयान दिया है। भाजपा किसी को जन भावनाओं के साथ खिलवाड़ नहीं करने दे सकती है। भारतीय जनता पार्टी ने एक मॉडल पेटीशन अपने सभी जिला कमेटी को भेजा है।
आईपीसी की धारा 153A, 153B, 295A और 505 के तहत शिक्षा मंत्री के खिलाफ केस दर्ज कराने की बात कही है। मॉडल परिवाद में कहा गया है कि शिक्षा मंत्री ने जानबूझकर सांप्रदायिक तनाव पैदा करने और एक कम्युनिटी की भावना को आहत करने वाला बयान दिया। प्रो चंद्रशेखर ने पॉलीटिकल माइलेज लेने की नियत से यह बयान दिया है। ऐसा बीजेपी ऐसा नहीं होने देगी। भाजपा की महिला मोर्चा सभी जिलों में सुंदरकांड का पाठ कर रही है।
शिक्षा मंत्री के बयान पर वरिष्ठ अधिवक्ता एसडी संजय ने कहा है कि राजद नेता ने युवा छात्रों के समक्ष जानबूझकर यह बयान दिया ताकि उनको मिसलीड और मिसगाइड किया जा सके। कहा कि रामायण बहुसंख्यक हिंदुओं का पवित्र ग्रंथ है। श्री राम के चरित्र से हर कोई शिक्षा लेता है क्योंकि राम सब के प्रेरक हैं। नालंदा विश्वविद्यालय में समारोह के विषय से अलग हटकर शिक्षा मंत्री ने रामायण के दोहे और चौपाई की गलत तरीके से व्याख्या की ताकि बहुसंख्यक हिंदुओं की भावना को चोट पहुंचाया जा सके। आश्चर्य की बात है कि चारों तरफ निंदा और विरोध होने के बाद भी शिक्षा मंत्री ने माफी नहीं मांगी और उनके पार्टी के नेताओं ने गलत बयानी का समर्थन किया।
याचिका में कहा गया है कि चंद्रशेखर ने सब कुछ सोच समझकर एक साजिश के तहत किया ताकि शांति और सद्भाव को चोट पहुंचाकर समाज को बांटा जा सके। उन्होंने हिंदू समाज को अपमानित करने के मकसद से रामचरितमानस पर गलत बयानी की। परिवाद पत्र में मंत्री को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की गई है।
परिवाद में आईपीसी 153A, 153B के तहत 5 साल तथा 295A के तहत आरोपी मंत्री को 5 साल की जेल , जुर्माना अथवा दोनों की सजा हो सकती है।
बिहार के मुख्यमंत्री की पार्टी जनता दल यूनाइटेड के कई नेताओं ने भी चंद्रशेखर से बयान वापस लेने की मांग की है। कई जदयू नेताओं ने चंद्रशेखर के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है। खुद नीतीश कुमार ने भी कहा है कि हमें सभी धर्मों का सम्मान करना चाहिए। इसके बावजूद डिप्टी सीएम तेजस्वी प्रसाद यादव भाजपा पर हमला बोलते हैं। वह कहते हैं कि हिंदू मुस्लिम की पॉलिटिक्स की जा रही है। बीजेपी ने महागठबंधन के इस स्टैंड को गलत करार दिया है।
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