बिहार में तीन वर्षों के अंदर विकसित होंगे 160 पर्यटन स्थल, पर्यटकों को मिलेंगी ये सुविधाएं

बिहार सरकार राज्य में पर्यटन को लेकर संभावनाएं तलाश रही हैं. सरकार बिहार के प्रमुख्य पर्यटन स्थलों पर आनेवाले पर्यटकों को बिहार के अन्य जगहों पर ले जाने की कोशिश कर रही है. ऐसे में सरकार ने एक बड़ी योजना पर काम शुरू किया है. इस योजना के तहत बिहार में अगले तीन साल में 160 पर्यटन स्थलों को विकसित किया जायेगा. प्रदेश में हर साल देशी- विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है. इस कारण पर्यटन विभाग ने राज्य भर के सभी पर्यटन सर्किट के रास्तों में सुविधाएं बढ़ाने का निर्णय लिया है. इनमें पर्यटकों के रहने- खाने, मनोरंजन सहित हर तरह की ऑनलाइन सुविधाएं बहाल होंगी.

हर साल बढ़ रही है पर्यटकों की संख्या

राज्य में 2015 में 2.80 करोड़ देशी तो 9.24 लाख विदेशी पर्यटक बिहार आये थे. 2019 में देशी पर्यटकों की संख्या 3.40 करोड़ तो विदेशी पर्यटकों की संख्या 11 लाख हो गयी. इस वर्ष अगस्त तक बिहार में 84 लाख से अधिक देशी , तो 12 हजार से अधिक विदेशी पर्यटक बिहार आ चुके हैं.

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मार्गीय सुविधाओं के लिए चार मॉडल तय

विभाग के मुताबिक मार्गीय सुविधाओं के लिए चार मॉडल तय किये गये हैं. प्रीमियम मार्गीय सुविधा के तहत हर 50 किमी की दूरी पर प्रीमियम मार्गीय सुविधाएं विकसित होंगी. लगभग डेढ़ एकड़ जमीन में सुविधाएं विकसित होंगी. स्टैंडर्ड मार्गीय सुविधा हर 30 किमी की दूरी पर विकसित रहेगी. इसके लिए एक एकड़ भूमि का उपयोग होगा.

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बेसिक मार्गीय सुविधा 30 किमी की दूरी पर विकसित होगी

बेसिक मार्गीय सुविधा 30 किमी की दूरी पर विकसित होगी. इसके लिए 7500 वर्गफुट जमीन का उपयोग करने का निर्णय लिया गया है, जबकि वर्तमान मार्गीय सुविधाओं को और बेहतर किया जायेगा. जनसुविधा विकसित करने के एवज में विभाग निवेशकों को 10, 20, 35 एवं 50 लाख या 50 फीसदी अनुदान देगा. 160 केंद्र बनेंगे जिसमें अधिकतम 10 फीसदी की वृद्धि भी हो सकती है.

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