शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव को चार हफ्तों के अंदर भरना होगा 1 लाख जुर्माना, पटना हाई कोर्ट का फैसला

शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव पर एक लाख का जुर्माना लगाया गया है. हाईकोर्ट ने अवमानना के एक मामले में शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया है. हाईकोर्ट ने 4 सप्ताह के अंदर कोर्ट के लीगल सर्विस में एक लाख रुपए जमा करने का आदेश शिक्षा विभाग को दिया है. न्यायमूर्ति संदीप कुमार की एकल पीठ ने तारकेश्वर प्रसाद की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया. कोर्ट के इस आदेश के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है.

साढ़े 6 वर्ष के बाद भी अदालती आदेश का पालन नहीं

दरअसल, साल 2015 में हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव को 3 महीने के भीतर आवेदक के विस्तृत अभ्यावेदन पर व्यक्तिगत पक्ष सुनने के बाद आदेश पारित करने का निर्देश दिया था, लेकिन विभाग ने साढ़े 6 वर्ष के बाद भी अदालती आदेश का पालन नहीं किया. शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव पर तय समय सीमा के भीतर हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं करने का आरोप है.

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राशि में जुर्माना वसूला जाएगा

मामले पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने इसे गंभीरता से लिया और शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया है. कोर्ट ने साफ तौर पर कहा है कि अभ्यावेदन दाखिल करने के बाद और आदेश पारित करने के पहले, जो भी विभाग के प्रधान सचिव के पद पर तैनात हैं उन सभी से बराबर राशि में जुर्माना वसूला जाएगा. इस मामले पर अगली सुनवाई 4 सप्ताह के बाद होगी.

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