पोषण कार्यक्रम में लापरवाही पर तय होगी जवाबदेही, DM ने विद्यालयों में नियमित निगरानी और ई-शिक्षाकोष की लंबित प्रविष्टियां समय पर पूरा कराने का दिया निर्देश

समस्तीपुर : सरकारी विद्यालयों में संचालित विद्यालय पोषण कार्यक्रम (अंकुरण) के प्रभावी क्रियान्वयन और ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर शत-प्रतिशत प्रविष्टियां पूरी कराने को लेकर शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक हुई। अध्यक्षता डीएम रोशन कुशवाहा ने की। बैठक में विद्यालयों में बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही पोषण सुविधाओं, कार्यक्रम की गुणवत्ता, नियमित निगरानी और ई-शिक्षाकोष पर दर्ज आंकड़ों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई।
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पोषण कार्यक्रम का लाभ सभी विद्यार्थियों तक निर्धारित मानक और गुणवत्ता के अनुरूप नियमित रूप से पहुंचना चाहिए। विद्यालय स्तर पर कार्यक्रम की लगातार निगरानी और निरीक्षण करने तथा किसी प्रकार की कमी मिलने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने को कहा। ई-शिक्षाकोष पोर्टल की समीक्षा के दौरान लंबित प्रविष्टियों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया गया। डीएम ने कहा कि पोर्टल पर दर्ज आंकड़े शुद्ध, पूर्ण और अद्यतन होने चाहिए।


कार्य में लापरवाही या अनावश्यक विलंब मिलने पर संबंधित कर्मी की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि विद्यालय पोषण कार्यक्रम बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, शैक्षणिक विकास और नियमित उपस्थिति से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। इसके सफल संचालन के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य समेत संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा। क्षेत्रीय स्तर पर नियमित निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की जानकारी लेने का भी निर्देश दिया गया।
बैठक में डीडीसी सूर्य प्रताप सिंह, सिविल सर्जन डॉ. राजीव कुमार, शिक्षा विभाग के पदाधिकारी-कर्मी समेत अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे। डीएम ने विद्यालय स्तर पर काम करने वाले कर्मियों को आवश्यक प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने तथा दोनों कार्यक्रमों की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।





