समस्तीपुर : एनीमिया की रोकथाम को लेकर मास्टर ट्रेनरों को दिया गया प्रशिक्षण, डिजिटल हीमोग्लोबिनोमीटर से जांच और टी-3 सिद्धांत पर दिया गया जोर

समस्तीपुर : एनीमिया की रोकथाम, पहचान और उपचार को लेकर गुरुवार को एएनएम ट्रेनिंग स्कूल सभागार में जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनरों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ. राजीव कुमार ने की। प्रशिक्षण का उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों की क्षमता बढ़ाकर समुदाय स्तर पर एनीमिया की समय पर पहचान, रोकथाम और उपचार को प्रभावी बनाना था। प्रशिक्षण के दौरान एनीमिया की स्थिति, इसके कारण, लक्षण व संकेत तथा इससे होने वाली जटिलताओं पर विस्तार से जानकारी दी गयी।
स्वास्थ्यकर्मियों को हीमोग्लोबिन की जांच, डिजिटल हीमोग्लोबिनोमीटर के उपयोग और जांच के बाद आवश्यक उपचार की प्रक्रिया के बारे में भी प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण में ‘टेस्ट, ट्रीट और टॉक’ (टी-3) सिद्धांत पर विशेष जोर दिया गया। इसके तहत डिजिटल हीमोग्लोबिनोमीटर से जांच, जरूरत के अनुसार उपचार, समुदाय में एनीमिया के प्रति जागरूकता, उचित रेफरल और फॉलोअप की प्रक्रिया समझायी गयी।


जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. विशाल कुमार, जिला नोडल पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ. आदित्य नाथ झा और जिला गुणवत्ता यकीन सलाहकार डॉ. ज्ञानेंद्र राज की मौजूदगी में प्रशिक्षण आयोजित हुआ। कार्यक्रम में समस्तीपुर पीरामल टीम के साथ जिले के सभी 20 प्रखंडों से चिन्हित स्वास्थ्यकर्मी मास्टर ट्रेनर के रूप में शामिल हुए। अधिकारियों ने स्वास्थ्यकर्मियों से एनीमिया नियंत्रण को लेकर समुदाय स्तर पर सक्रियता और समन्वय के साथ कार्य करने की अपील की।





