समस्तीपुर सदर अस्पताल में खत्म हुआ एंटी रैबीज वैक्सीन का स्टॉक, मरीजों की बढ़ी परेशानी, निजी मेडिकल स्टोर से महंगे दाम पर खरीदनी पड़ रही वैक्सीन

समस्तीपुर : सदर अस्पताल में बुधवार को एंटी रैबीज वैक्सीन उपलब्ध नहीं रहने के कारण इलाज कराने पहुंचे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कुत्ते, बंदर और अन्य जानवरों के काटने के बाद एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए बड़ी संख्या में मरीज ओपीडी पहुंचे, लेकिन अस्पताल में वैक्सीन का स्टॉक खत्म होने के कारण उन्हें बिना इंजेक्शन लगाए ही वापस लौटना पड़ा। मजबूरी में कई मरीजों को निजी मेडिकल दुकानों से महंगे दाम पर इंजेक्शन खरीदकर इलाज कराना पड़ा।
समय पर एंटी रैबीज वैक्सीन नहीं मिलने से मरीजों और उनके परिजनों में चिंता का माहौल है। बुधवार को करीब 50 मरीज सदर अस्पताल से बेरंग वापस लौट गये। चिकित्सकों के अनुसार, किसी भी संदिग्ध जानवर के काटने के बाद निर्धारित समय के भीतर एंटी रैबीज वैक्सीन लेना बेहद जरूरी होता है। इसमें देरी होने पर संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में सरकारी अस्पताल में वैक्सीन उपलब्ध नहीं रहने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।


बुधवार सुबह से ही ओपीडी में एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए मरीजों की भीड़ लगी रही। अस्पताल पहुंचे लोगों को जब यह बताया गया कि वैक्सीन का स्टॉक समाप्त हो चुका है, तो कई मरीज मायूस होकर लौट गए। कुछ लोगों ने निजी मेडिकल स्टोर का रुख किया, जबकि कई मरीज आर्थिक तंगी के कारण दुविधा में पड़े रहे। सरायरंजन निवासी विकास झा ने बताया कि मंगलवार की रात उन्हें कुत्ते ने काट लिया था। डॉक्टर ने तत्काल एंटी रैबीज इंजेक्शन लेने की सलाह दी थी। बुधवार सुबह वह सदर अस्पताल पहुंचे, लेकिन यहां वैक्सीन उपलब्ध नहीं थी। मजबूरी में उन्हें निजी मेडिकल दुकान से महंगा इंजेक्शन खरीदना पड़ा।

इसी तरह बरौली निवासी रीना देवी ने बताया कि उनके बेटे को कुत्ते ने काट लिया है। इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने पर इंजेक्शन नहीं मिलने से वह काफी परेशान हैं। उन्होंने कहा कि समय पर वैक्सीन नहीं मिलने से बच्चे के स्वास्थ्य को लेकर डर बना हुआ है। विद्यापतिनगर निवासी संतोष कुमार ने बताया कि वह सुबह से कई बार अस्पताल का चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन हर बार स्टॉक खत्म होने की बात कहकर वापस भेज दिया गया। अंततः उन्हें बाहर से दवा खरीदनी पड़ी। उनका कहना था कि सरकारी अस्पताल में सुविधा नहीं मिलने से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

निजी दुकानों से महंगे दाम पर खरीदनी पड़ रही वैक्सीन :
अस्पताल में वैक्सीन नहीं मिलने के कारण अधिकांश मरीजों को निजी मेडिकल दुकानों का सहारा लेना पड़ रहा है। वहां एंटी रैबीज इंजेक्शन महंगे दाम पर मिलने से गरीब मरीजों को काफी परेशानी हो रही है। लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में मुफ्त में मिलने वाली जरूरी दवा उपलब्ध नहीं रहने से स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मरीजों और उनके परिजनों ने जिला स्वास्थ्य प्रशासन से मांग की है कि सदर अस्पताल में जल्द से जल्द एंटी रैबीज वैक्सीन की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी मरीज को इलाज के लिए भटकना न पड़े।

हर रोज 50 से 60 मरीज पहुंचते है एंटी रैबीज वैक्सीन के लिए :
डीएस डॉ. गिरीश कुमार से मिली जानकारी के अनुसार सदर अस्पताल के ओपीडी में हर रोज 50 से 60 मरीज एंटी रैबीज वैक्सीन के लिए पहुंचते हैं। वर्तमान स्थिति ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में यदि आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं होंगी, तो मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ इलाज कैसे मिल पाएगा। लोगों का कहना है कि जीवनरक्षक दवाओं और आवश्यक वैक्सीन की उपलब्धता हमेशा सुनिश्चित रहनी चाहिए, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े।

कुत्ते के काटने पर बचाव के उपाय :
1. तुरंत करें प्राथमिक उपचार
- घाव को तुरंत साबुन और बहते पानी से 10 से 15 मिनट तक धोएं.
- धोने के बाद एंटीसेप्टिक लगाएं.
- घाव पर मिर्च, हल्दी, तेल या कोई घरेलू चीज न लगाएं.
- घाव पर ज्यादा कसकर पट्टी न बांधें.
- खून बह रहा हो तो साफ कपड़े से हल्का दबाव डालें.
2. तुरंत डॉक्टर से लें सलाह
- बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र जाएं.
- डॉक्टर को कुत्ते के काटने का समय और कुत्ते की स्थिति (पालतू या आवारा) की जानकारी दें.
3. जरूरी टीकाकरण कराएं :
- एंटी रैबीज वैक्सीन का पूरा कोर्स समय पर लगवाएं.
- जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से रैबीज इम्यूनोग्लोब्युलिन दिया जाता है.
- टेटनस का इंजेक्शन भी जरूर लगवाएं.
4. क्या न करें
- घाव को जलाएं, काटें या छेड़ें नहीं.
- इलाज में देरी बिल्कुल न करें.
- एंटी रैबीज वैक्सीन का कोर्स अधूरा न छोड़ें.
5. सावधानी रखें
- आवारा कुत्तों से दूरी बनाकर रखें.
- बच्चों को कुत्तों के पास जाने से पहले सावधानी सिखाएं.
- पालतू कुत्तों का समय पर टीकाकरण कराएं

——————————————–
बयान :
एंटी रैबीज वैक्सीन का स्टॉक खत्म होने की जानकारी सिविल सर्जन को दे दी गई है। उन्होंने कहा कि जल्द ही वैक्सीन की नई खेप उपलब्ध होने की उम्मीद है। आपूर्ति बहाल होते ही मरीजों को नियमित रूप से एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाया जाएगा। फिलहाल वैक्सीन नहीं रहने के कारण मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
डॉ. गिरीश कुमार, डीएस, सदर अस्पताल, समस्तीपुर


