बंधक बने लड़के-लड़कियों के रेस्क्यू के दौरान पुलिस टीम पर हमला, महिला जवान जख्मी; सर्किट हाउस से रात 11 बजे रवाना हुई 150 पुलिस जवानों की टीम
समस्तीपुर : बुधवार की रात करीब 11 बजे सर्किट हाउस से करीब 150 पुलिस जवान, महिला थाना, मुफस्सिल थाना, साइबर थाना व मानवाधिकार आयोग की टीम रेड करने के लिये एक साथ धरमपुर और मुसापुर में रेड करने पहुंची। इस दौरान अलग-अलग मकानों से 105 लड़के-लड़कियों का रेस्क्यू किया गया। रेस्क्यू के दौरान मुसापुर में सरगना से जुड़े एक महिला ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया, जिससे महिला जवान जख्मी हो गयी। महिला जवान के सिर में गंभीर चोटे आयी। जिसका सदर अस्पताल में इलाज कराया गया। बताया गया है कि छापेमारी के दौरान मुसापुर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। अंधेरे का फायदा उठाकर कई लोग फरार हो गये। उन सभी की गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी जारी है।
हेड बाॅस का नाम आर्यन, अंधेरे का फायदा उठाकर हुआ फरार :
एसपी द्वारा मुफस्सिल थाने पर की गयी पूछताछ में सभी लोगों ने आर्यन नामक युवक का नाम लिया। बताया गया है कि सभी लोग उसे सर कहकर बुलाते थे। सभी को वही गाइड करता था और पूरे सरगना का संचालन वही करता था। पुलिस की रेड के दौरान इतनी ज्यादा संख्या में युवक-युवती जमा हो गये की वहां कौन पीड़ित है और कौन सरगना का सदस्य यह पता नहीं चल सका। अंधेरे फायदा उठाकर कई लोग फरार हो गये जिसमें आर्यन भी शामिल था। आर्यन नामक युवक कौन है और कहां का रहने वाला है यह अभी पता नहीं चल सका है। इधर सुबह-सुबह जब मुसापुर व धरमपुर गांव के लोगों की नींद खुली तो भारी संख्या पुलिस बल को देख सभी हतप्रभ थे। स्थानीय मुसापुर के रहने वाले रामानंद झा ने बताया कि वर्षों से यहां कई युवक-युवती रहती थी, लेकिन अंदर क्या होता था इसकी जानकारी उनलोगों को नहीं थी। पुलिस की यह कार्रवाई सराहनीय है।

