समस्तीपुर में इंटर्नशिप का नया मॉडल, छात्रों ने सीखा स्वास्थ्य संस्थानों का प्रबंधन

समस्तीपुर : द उम्मीद सोशल समर इंटर्नशिप 2026 के तहत विद्यार्थियों को व्यावहारिक एवं कौशल आधारित शिक्षा से जोड़ने की दिशा में लगातार पहल की जा रही है। कार्यक्रम के दसवें दिन जूलॉजी, रसायन विज्ञान (स्वास्थ्य डोमेन) एवं हेल्थ साइंस से जुड़े छात्र-छात्राओं को शहर स्थित रिवाइव फिजियोथेरेपी एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर में प्रशिक्षण के लिए ले जाया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्वास्थ्य संस्थानों की कार्यप्रणाली, अस्पताल प्रशासन तथा स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराना था।
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— Samastipur Town (@samastipurtown) June 10, 2026
इस दौरान केंद्र की विशेषज्ञ डॉ. आकृति ने विद्यार्थियों को अस्पताल प्रबंधन, मरीजों की देखभाल एवं प्रबंधन, अभिलेख संधारण, प्रशासनिक व्यवस्था तथा स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभावी संचालन के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि किसी भी स्वास्थ्य संस्थान की सफलता केवल चिकित्सा सेवाओं पर निर्भर नहीं करती, बल्कि बेहतर प्रशासन, समन्वय और प्रबंधन भी इसकी महत्वपूर्ण कड़ी हैं। विद्यार्थियों ने केंद्र में उपलब्ध विभिन्न स्वास्थ्य एवं पुनर्वास सेवाओं का अवलोकन किया तथा विशेषज्ञों से संवाद कर उनके कार्य करने के तरीके को करीब से समझा।

प्रशिक्षण के दौरान छात्रों को स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में उपलब्ध करियर अवसरों, पेशेवर जिम्मेदारियों और भविष्य की संभावनाओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने इस अवसर को अपने लिए काफी उपयोगी बताया और कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से उन्हें कक्षा में पढ़ाई जाने वाली अवधारणाओं को वास्तविक जीवन में समझने का मौका मिलता है।
द उम्मीद संस्था के संस्थापक एवं अध्यक्ष अमरजीत कुमार ने बताया कि संस्था का लक्ष्य युवाओं को केवल सैद्धांतिक शिक्षा तक सीमित न रखकर उन्हें वास्तविक कार्यस्थलों पर सीखने और अनुभव प्राप्त करने का अवसर उपलब्ध कराना है। इसी सोच के तहत सोशल समर इंटर्नशिप के माध्यम से विभिन्न विषयों के विद्यार्थियों को उनके अध्ययन क्षेत्र से जुड़े संस्थानों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कौशल आधारित और अनुभवात्मक शिक्षा आज की आवश्यकता है तथा इस प्रकार के कार्यक्रम युवाओं के ज्ञान, कौशल और व्यावसायिक समझ को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। संस्था की यह पहल विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी शिक्षा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।




