AEDO परीक्षा से पहले बीपीएससी का अहम नोटिस, समस्तीपुर जिले के एक केंद्र में हुआ अहम बदलाव

बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने आगामी परीक्षा को लेकर उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोग के अनुसार, यह परीक्षा 14, 15, 17, 18, 20 और 21 अप्रैल 2026 को राज्य के 38 जिलों में दो पालियों में आयोजित की जाएगी।
परीक्षा से ढाई घंटा पहले पहुंचे
आयोग ने अभ्यर्थियों को निर्देश दिया है कि वे प्रत्येक पाली की परीक्षा के लिए अपने साथ एक अतिरिक्त ई-एडमिट कार्ड अवश्य रखें। साथ ही, उम्मीदवारों को परीक्षा शुरू होने से ढाई घंटे पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचना होगा, जबकि परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले तक ही परीक्षा कक्ष में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।


परीक्षा केंद्र में ये गैजेट्स ना लेकर जाएं
नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि परीक्षा समाप्त होने तक किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा कक्ष या परिसर छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा केंद्र पर मोबाइल फोन, कैलकुलेटर, ब्लूटूथ, वाई-फाई गैजेट, इलेक्ट्रॉनिक पेन, पेजर और स्मार्ट वॉच जैसे सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। यदि किसी अभ्यर्थी के पास इस तरह के उपकरण पाए जाते हैं, तो इसे कदाचार माना जाएगा।

आयोग ने यह भी बताया कि परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग लागू रहेगी, जिसमें प्रत्येक गलत उत्तर के लिए एक-तिहाई अंक काटे जाएंगे। इसके अलावा, उत्तर में किसी भी प्रकार का बदलाव (जैसे व्हाइट फ्लूइड या इरेजर का उपयोग) करने पर उसे गलत माना जाएगा।

इस परीक्षा केंद्र को लेकर नोटिस आया
इसके साथ ही, आयोग ने सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) परीक्षा (विज्ञापन संख्या 87/2025) से जुड़ी एक महत्वपूर्ण अपडेट भी जारी की है। समस्तीपुर जिले के एक परीक्षा केंद्र के नाम में आंशिक संशोधन किया गया है। पहले यह केंद्र “उच्च माध्यमिक विद्यालय, हरपुर ऐलोथ” दर्ज था, जिसे संशोधित कर “अपग्रेडेड मिडिल स्कूल, हरपुर ऐलोथ, समस्तीपुर” कर दिया गया है। संबंधित अभ्यर्थियों को निर्देश दिया गया है कि वे संशोधित केंद्र पर ही निर्धारित तिथि और समय पर परीक्षा में शामिल हों।

कदाचार या अनुचित साधनों के उपयोग पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। दोषी पाए जाने पर उम्मीदवार को वर्तमान परीक्षा के साथ-साथ आगामी पांच वर्षों तक परीक्षा से वंचित किया जा सकता है। वहीं, भ्रामक या सनसनीखेज अफवाह फैलाने पर तीन वर्षों तक प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
आयोग ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे किसी भी अफवाह या भ्रामक जानकारी पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक वेबसाइट से ही जानकारी प्राप्त करें।


