समस्तीपुर नगर निगम के सशक्त स्थायी समिति का चुनाव 18 अप्रैल को, एक दर्जन से अधिक पार्षद चुनावी मैदान में कूदने को तैयार

समस्तीपुर : नगर निगम समस्तीपुर की सबसे शक्तिशाली इकाई मानी जाने वाली सशक्त स्थायी समिति के सात सदस्यों के निर्वाचन को लेकर बिगुल बज गया है. जिला निर्वाचन पदाधिकारी (नगरपालिका) सह जिलाधिकारी की ओर से जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार आगामी 18 अप्रैल को एसडीओ सदर कार्यालय स्थित सभागार में वोटिंग होगी. निगम में नौ सदस्यीय सशक्त स्थायी समिति में महापौर पीठासीन पदाधिकारी होते हैं और उपमहापौर सह सदस्य होते हैं. इसके अलावे सात सदस्य होते हैं. पहले इन सभी का मनोनयन महापौर के द्वारा होता था. अब ये सात सदस्य चुनकर आयेंगे.
इन सभी सात सदस्यों का चुनाव सभी वार्ड पार्षद करेंगे. इसको लेकर पार्षदों के बीच सरगर्मी काफी तेज हो गयी है. अब तक मिली जानकारी के अनुसार, नगर निगम के कुल 47 पार्षदों में से एक दर्जन से अधिक पार्षद चुनावी मैदान में ताल ठोकने को तैयार हैं. इसलिये मुकाबला दिलचस्प होने की उम्मीद है.चुनाव को लेकर नगर निगम के भीतर खेमेबाजी शुरू हो गयी है. अपने पक्ष में समर्थन जुटाने के लिए प्रत्याशियों की बैठकों का दौर शुरू हो गया है. कहते हैं कि कल तक जो पार्षद एक-दूसरे के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने का दावा करते थे, आज वही चुनावी मैदान में एक-दूसरे के खिलाफ ताल ठोकने पर अमादा हैं.


डीएम की निगरानी में पूरी होगी चुनावी प्रक्रिया :
चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी. जिला निर्वाचन पदाधिकारी (नगरपालिका) सह जिलाधिकारी की निगरानी में चुनावी की पूरी प्रक्रिया 18 अप्रैल को संपन्न करायी जाएगी. जानकारी के मुताबिक, 18 अप्रैल को सुबह 8 बजे सभी 47 पार्षदों को अनुमंडल कार्यालय में पहुंचना है. उसी दिन परिणाम भी घोषित किये जायेंगे. चुनावी प्रक्रिया संपन्न होने के बाद ही सभी पार्षद बाहर निकल सकते हैं. मतदान पूरी तरह गुप्त होगा और अधिकतम मत पाने वाला प्रत्याशी विजयी घोषित किया जाएगा. चुनाव की पूरी प्रक्विया की वीडियोग्राफी करायी जायेगी. जिला निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा सूचित किया गया है कि निर्धारित समय से एक घंटे की अवधि के भीतर उपस्थित न होने वाले सदस्यों को बैठक में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

सशक्त स्थायी समिति की शक्तियां :
नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति (स्टैंडिंग कमेटी) मेयर के बाद नगर निगम की सबसे प्रभावशाली कार्यकारी संस्था है, जो विकास योजनाओं की स्वीकृति, वित्तीय निर्णय, और प्रशासनिक कार्यों पर नियंत्रण जैसे अहम फैसले लेती है. यह समिति नगर सरकार की कोर टीम के रूप में काम करती है. बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 (यथा संशोधित) की धारा 21(3) एवं 27(3) के प्रावधानों के तहत सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों का निर्वाचन होना है.

सशक्त स्थायी समिति की प्रमुख शक्तियां :
- वित्तीय शक्ति: बजट की तैयारी, कर निर्धारण, और नगर निगम के वित्तीय मामलों पर नियंत्रण
- विकास और योजना: शहरी योजना, सड़क, पुल, जलापूर्ति, और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन जैसी विकास परियोजनाओं को मंजूरी देना.
- प्रशासनिक नियंत्रण: नगर निगम के कर्मचारियों के कार्यों की समीक्षा और प्रशासनिक निर्णय लेना.
- अनुबंध और खरीद: प्रमुख निर्माण कार्यों का अनुबंध करना और निविदा पास करना.
- बैठक और नीति: प्रत्येक माह कम से कम एक बार बैठक कर नीतियां निर्धारित करना, जिन्हें नगर निगम परिषद के सामने रखा जाता है.

चुनाव कार्यक्रम :
- चुनाव की तिथि : 18 अप्रैल, शनिवार
- चुनाव स्थल : अनुमंडल का सभागार
- निर्वाचन प्रक्रिया : 08:00 बजे पूर्वाह्न से (नाम-निर्देशन, मतदान प्रक्रिया और शपथ ग्रहण)



