बाबा केवल धाम में मुकेश सहनी ने टेका माथा, 2028 में ‘मुंबई स्टाइल’ में भव्य मेला लगाने की घोषणा की

समस्तीपुर : विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक एवं बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने शुक्रवार को समस्तीपुर जिले के मोरवा प्रखंड अंतर्गत इंद्रवारा स्थित प्रसिद्ध बाबा केवल महाराज के दरबार में पहुंचकर पूजा-अर्चना की और देश-प्रदेश में सुख, शांति, समृद्धि तथा बेहतर स्वास्थ्य की कामना की। उनके आगमन को लेकर समर्थकों में खासा उत्साह देखा गया। पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने राजकीय मेला बाबा केवल धाम परिसर में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि उनका बाबा केवल महाराज में गहरा विश्वास है और वे पिछले लगभग दस वर्षों से लगातार यहां आयोजित होने वाले वार्षिक मेले में शामिल होते रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाबा की कृपा और जनता के आशीर्वाद से ही उन्हें समाज की सेवा करने का अवसर मिला है।
2028 में मेला होगा और भव्य, ‘मुंबई स्टाइल’ में लगेगा आयोजन :
मुकेश सहनी ने घोषणा करते हुए कहा कि वर्ष 2028 में बाबा केवल धाम में लगने वाले मेले को और अधिक भव्य एवं आकर्षक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा है कि इस मेले की पहचान राज्य ही नहीं बल्कि देश स्तर पर बने और इसे आधुनिक सुविधाओं के साथ मुंबई स्टाइल में विकसित किया जाए ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्था मिल सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भी बिहार के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं और बाबा का आशीर्वाद लेते हैं।

भविष्य में इस धाम के विकास के लिए भी प्रयास किए जाएंगे ताकि यह एक प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित हो सके। वीआईपी प्रमुख ने अपने संबोधन में समाज के लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज वे जिस मुकाम पर हैं, वह समाज के लोगों के प्यार, विश्वास और आशीर्वाद का ही परिणाम है। उन्होंने लोगों से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और जरूरत पड़ने पर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि जीवन में हार से घबराने की जरूरत नहीं है। संघर्ष करने वालों को ही अंततः जीत मिलती है। अगर कभी हार मिलती भी है तो वह आने वाली जीत का रास्ता खोलती है। मुकेश सहनी ने शिक्षा को समाज की तरक्की का सबसे बड़ा माध्यम बताते हुए लोगों से अपने बच्चों को जरूर पढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब समाज के बच्चे शिक्षित और जागरूक बनेंगे तो कोई भी ताकत उन्हें पीछे नहीं रख सकती। उन्होंने कर्म के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि मेहनत और ईमानदारी से किया गया कार्य कभी व्यर्थ नहीं जाता। बाबा का आशीर्वाद और अच्छा कर्म दोनों मिलकर सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं।

पूर्वजों के संघर्ष को किया याद :
उन्होंने कहा कि देश की आजादी हमारे पूर्वजों के त्याग और संघर्ष का परिणाम है, इसलिए हमें भी अपने समाज और आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए मेहनत करनी चाहिए। उन्होंने अपने पारंपरिक पेशे का जिक्र करते हुए कहा कि हम मल्लाह के बेटे हैं, जाल में मछली फंसाते हैं, खुद नहीं फंसते, इसलिए हमें समझदारी और एकता के साथ आगे बढ़ना होगा। इस अवसर पर मेला समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री रामाश्रय सहनी, उमेश सहनी, विपिन सहनी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान समर्थकों ने मुकेश सहनी का जोरदार स्वागत भी किया। कार्यक्रम का समापन बाबा केवल महाराज के जयकारों और समाज की एकता के संदेश के साथ हुआ।




