बिहार पंचायत चुनाव से पहले परिसीमन नहीं लेकिन आरक्षण रोस्टर बदलेगा, मंत्री दीपक प्रकाश ने दी जानकारी

बिहार में इस साल होने वाले पंचायत चुनाव से पहले परिसीमन नहीं होगा। हालांकि, चुनाव से पहले आरक्षण रोस्टर में बदलाव जरूर होगा। राज्य के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने गुरुवार को भभुआ में यह बात कही। उन्होंने कहा कि मौजूदा आरक्षण रोस्टर को 10 साल पूरे हो गए हैं। ऐसे में नियमानुसार रोस्टर में बदलाव के बाद ही इस बार के पंचायत चुनाव कराए जाएंगे।
भभुआ के जिला अतिथि गृह में आयोजित प्रेस वार्ता में मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि जनगणना का कार्य पूरा होने के बाद लोकसभा एवं विधानसभा का परिसीमन तय होगा। इसके बाद ही राज्य में पंचायतों के परिसीमन में बदलाव किया जाएगा। बता दें कि जनगणना का नोटिफिकेशन पूर्व में जारी हो चुका है। पूरे देश में इसका काम चल रहा है। 2027 में जनगणना का काम पूरा होगा। इसके बाद ही पंचायत के वार्डों की सीमा में बदलाव किया जाएगा। ऐसे में 2020 के अंत में होने वाले बिहार पंचायत चुनाव मौजूदा वार्डों के आधार पर ही कराए जाएंगे।

मंत्री ने कहा कि उपयोगिता प्रमाणपत्र समर्पित करने में राज्य में कैमूर का परफॉर्मेंस बेहतर है। कैमूर जिले का 603 करोड़ की जगह 537 करोड़ का उपयोगिता प्रमाणपत्र समर्पित किया गया है। बाकी को भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। मंत्री ने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों को सशक्त किया जा रहा है, इसके साथ ही गांवों को समृद्ध बनाने की दिशा में तेजी से कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने कहा कि 20 वर्षों में बिहार में बहुत सारा बदलाव आया है।विभाग की ज्यादा राशि जनकल्याणकारी योजनाओं में खर्च हो रहे हैं। यहां के सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में व्यापक परिवर्तन दिख रहा है। एक सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा में भले ही जाएंगे, लेकिन उनके मार्गदर्शन में ही बिहार का विकास होता रहेगा।

गांवों में शवदाह गृह होंगे विकसित
पंचायती राज मंत्री ने कहा कि गांवों में स्थित शवदाह गृह को विकसित किया जाएगा। शवदाह गृह में शेड एवं चबूतरे का निर्माण होगा। इसके परिसर पेयजल और स्नान घर की सुविधा उपलब्ध होगी। गांवों में शवदाह गृह निर्माण को लेकर सर्वे कर विभाग को रिपोर्ट समर्पित करने का निर्देश अफसरों को दिया गया है।



