समस्तीपुर मंडल कारा पहुंचे DM, ‘बंदी दरबार’ में सुनी कैदियों की समस्याएं, ओपन जिम का किया उद्घाटन
चापाकल, वाटर कूलर और सोलर सिस्टम लगाने का दिया आश्वासन

समस्तीपुर : डीएम रोशन कुशवाहा ने बुधवार को मंडल कारा में बंदी दरबार आयोजित कर बंदियों की समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। कारा परिसर पहुंचने पर सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री खेल विकास योजना के अंतर्गत कारा कर्मियों के लिए स्थापित ओपन जिम का उन्होंने विधिवत उद्घाटन किया। ओपन जिम के उद्घाटन के बाद डीएम की अध्यक्षता में मंडल कारा परिसर में बंदी दरबार का आयोजन हुआ।
इस दौरान पुलिस अधीक्षक की ओर से पुलिस उपाधीक्षक (रक्षित) नरेंद्र शर्मा, काराधीक्षक प्रशांत कुमार ओझा, प्रभारी उपाधीक्षक मनोज कुमार सिंह, सहायक अधीक्षक प्रेरणा पटेल, कंचन कुमारी सहित कारा के सुरक्षा कर्मी और बड़ी संख्या में बंदी मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत में काराधीक्षक ने डीएम को पौधा भेंट कर सम्मानित किया। बंदी दरबार में बंदियों ने बिजली आपूर्ति बाधित रहने के कारण पानी की समस्या का मुद्दा उठाते हुए छह चापाकल लगाने और गर्मी से राहत के लिए वाटर कूलर की व्यवस्था करने की मांग की। इस पर डीएम ने आश्वासन दिया कि बंदियों की सुविधा के लिए शीघ्र ही चापाकल और वाटर कूलर उपलब्ध कराए जाएंगे।

समस्तीपुर मंडल कारा पहुंचे डीएम रोशन कुशवाहा, बंदी दरबार में सुनी कैदियों की समस्याएं। ओपन जिम का किया उद्घाटन चापाकल, वाटर कूलर और सोलर सिस्टम लगाने का दिया आश्वासन#Samastipur #DistrictAdministration @DM_Samastipur pic.twitter.com/84iDO6qve7
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इसके साथ ही उन्होंने बिजली समस्या के समाधान के लिए सोलर उपकरण लगाने को लेकर संबंधित विभाग को निर्देश देने तथा नया जनरेटर खरीदने के लिए विभाग को अनुशंसा भेजने की बात कही। उन्होंने काराधीक्षक को इस दिशा में जल्द पत्राचार करने का निर्देश दिया। इस दौरान कुछ बंदियों ने अपनी पारिवारिक और जमीन संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए भी आवेदन दिया, जिस पर डीएम ने समुचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। बंदी दरबार को संबोधित करते हुए डीएम ने कहा कि कारा प्रशासन बंदियों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और कारा व्यवस्था को लगातार बेहतर बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने बंदियों से नकारात्मक सोच छोड़कर सकारात्मक और रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने का आह्वान किया। साथ ही कारा में चल रहे मिथिला पेंटिंग सहित अन्य शैक्षणिक व व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की, ताकि कारामुक्त होने के बाद वे स्वावलंबी बन सकें। कार्यक्रम के अंत में काराधीक्षक प्रशांत कुमार ओझा ने डीएम को मिथिला पेंटिंग का प्रतीक चिह्न भेंट किया, जिसके बाद बंदी दरबार संपन्न हुआ।





