बिहार में छठ पूजा पर बारिश का अलर्ट, चक्रवाती तूफान से पूरे राज्य में पड़ेंगी फुहारें

बिहार में एक ओर लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा पूरे उल्लास के साथ मनाया जा रहा है. वहीं, दूसरी ओर मौसम ने भी करवट ले लिया है. आज बिहार के कई जिलों में खरना के दिन सुबह के समय धुंध और कोहरे की चादर छाई रही. जबकि दोपहर में हल्की धूप निकलने की संभावना है. हालांकि इस दौरान आसमान में बादलों की आवाजाही लगी रहेगी.
पटना मौसम विभाग के अनुसार 29 से 31 अक्टूबर के बीच राज्य के कई हिस्सों में बारिश के आसार बने हुए हैं. अगर ऐसा होता है, तो इसका सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ेगा. क्योंकि फसल कटाई का समय चल रहा है. इस परिस्थिति को देखते हुए IMD ने किसानों के लिए गाइडलाइन भी जारी किया है. ताकि वे मौसम के बदलाव से होने वाले नुकसान से बचाव किया जा सके.

जानें मौसम में क्यों हो रहा है बदलाव
पटना मौसम विज्ञान केंद्र की मानें तो 24 अक्टूबर को दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी और दक्षिण अंडमान सागर क्षेत्र में बना कम दबाव क्षेत्र अवदाब में बदल गया है. यह सिस्टम पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 26 अक्टूबर तक गहरे अवदाब और 27 अक्टूबर तक चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है. अनुमान है कि यह 28 अक्टूबर की शाम या रात तक आंध्र प्रदेश के काकीनाडा और मछलीपट्टनम के बीच तट से टकराएगा.

जानें क्या पड़ेगा इस तूफान का असर
इस मौसमी सिस्टम के प्रभाव से बिहार में 29 से 31 अक्टूबर की अवधि के दौरान अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. राज्य के उत्तरी एवं उत्तर-पूर्वी जिलों में 29 और 31 अक्टूबर को एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा भी हो सकती है. साथ ही इस अवधि में राज्य के कई हिस्सों में वज्रपात और 30-40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली तेज हवा की संभावना है.

किसानों बारिश से रहें सावधान
फिलहाल खरीफ फसलों की कटाई का समय है. इसीलिए किसान भाई अपनी पकी हुई फसलों को जल्द काटकर सुरक्षित स्थान पर रखें. खेतों और खुले में सुखाने के लिए रखे फसलों का उचित भंडारण करें. वहीं, सब्जी वाली फसलों की सिंचाई फिलहाल टाल दें. वज्रपात से सुरक्षा के लिए आकाशीय बिजली के समय खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों, जलाशयों या बिजली के खंभों के पास न खड़े हों. घर के अंदर रहें तथा मोबाइल फोन या अन्य विद्युत उपकरणों का प्रयोग सावधानीपूर्वक करें.




