बिहार में हादसे के बाद अब 24 घंटे में मिलेगी जब्त गाड़ी, न मिले तो मुख्यालय को करें शिकायत, हेल्पलाइन नंबर जारी

लंबे समय से लोग छोटी दुर्घटनाओं के बाद भी थानों में गाड़ियां खड़ी रहने और कानूनी प्रक्रिया में देरी से परेशान रहते थे. लेकिन, बिहार में सड़क हादसे या वाहन जब्ती के बाद थानों के चक्कर काटने और महीनों तक गाड़ी छुड़ाने की परेशानी अब खत्म होने जा रही है. बिहार पुलिस मुख्यालय ने आम लोगों को बड़ी राहत देते हुए नया निर्देश जारी किया है, जिसके तहत दुर्घटनाग्रस्त या जब्त वाहन को 24 घंटे के भीतर उसके वैध मालिक को सौंपना होगा.
पुलिस मुख्यालय का यह फैसला न सिर्फ थानों में कबाड़ बन रहे वाहनों की समस्या कम करेगा, बल्कि आम जनता को मानसिक और आर्थिक नुकसान से भी बचाएगा. एडीजी यातायात सुधांशु कुमार ने राज्य के सभी जिलों के एसपी और ट्रैफिक डीएसपी को निर्देश जारी करते हुए साफ कहा है कि वाहन छोड़ने में अनावश्यक देरी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

एडीजी यातायात सुधांशु कुमार ने स्पष्ट किया है कि अब थाना पुलिस को किसी भी दुर्घटनाग्रस्त या जब्त वाहन को 24 घंटे के भीतर उसके वैध मालिक को सौंपना होगा. यह निर्देश राज्य के सभी जिलों के एसपी और ट्रैफिक डीएसपी को भेज दिया गया है. इस पहल का मुख्य उद्देश्य थानों में वाहनों के अंबार को कम करना और जनता को अनावश्यक मानसिक व आर्थिक परेशानी से बचाना है.

नई व्यवस्था के तहत अगर कोई थाना वाहन रिलीज करने में टालमटोल करता है तो वाहन मालिक सीधे पुलिस मुख्यालय की मॉनिटरिंग सेल में शिकायत दर्ज करा सकता है. एडीजी यातायात ने यह भी जानकारी दी है कि यदि कोई थाना प्रभारी या पुलिसकर्मी निर्धारित समय सीमा के अंदर गाड़ी छोड़ने में आनाकानी करता है तो वाहन मालिक को अब डरने की जरूरत नहीं है. पुलिस मुख्यालय ने इसके लिए एक विशेष मॉनिटरिंग सेल बनाया है. आप सीधे हेल्पलाइन नंबर- 9031829356 (मोबाइल/व्हाट्सएप नंबर) पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

मुख्यालय स्तर पर मिली शिकायतों के बाद यह कदम उठाया गया है. दरअसल, कई मामलों में देखा गया कि छोटे हादसों के बाद भी वाहनों को ‘इन्वेस्टिगेशन’ के नाम पर लंबे समय तक थानों में खड़ा रखा जाता था. नई व्यवस्था के तहत अब पुलिस को अपनी कागजी कार्रवाई तेज करनी होगी ताकि आम आदमी का नुकसान कम से कम हो. बिहार पुलिस का यह कदम पुलिसिंग सिस्टम में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है.


