समस्तीपुर Town

नजर हर खबर पर…

BiharNEWS

बिहार में हादसे के बाद अब 24 घंटे में मिलेगी जब्त गाड़ी, न मिले तो मुख्यालय को करें शिकायत, हेल्पलाइन नंबर जारी

IMG 20260212 WA0118

लंबे समय से लोग छोटी दुर्घटनाओं के बाद भी थानों में गाड़ियां खड़ी रहने और कानूनी प्रक्रिया में देरी से परेशान रहते थे. लेकिन, बिहार में सड़क हादसे या वाहन जब्ती के बाद थानों के चक्कर काटने और महीनों तक गाड़ी छुड़ाने की परेशानी अब खत्म होने जा रही है. बिहार पुलिस मुख्यालय ने आम लोगों को बड़ी राहत देते हुए नया निर्देश जारी किया है, जिसके तहत दुर्घटनाग्रस्त या जब्त वाहन को 24 घंटे के भीतर उसके वैध मालिक को सौंपना होगा.

पुलिस मुख्यालय का यह फैसला न सिर्फ थानों में कबाड़ बन रहे वाहनों की समस्या कम करेगा, बल्कि आम जनता को मानसिक और आर्थिक नुकसान से भी बचाएगा. एडीजी यातायात सुधांशु कुमार ने राज्य के सभी जिलों के एसपी और ट्रैफिक डीएसपी को निर्देश जारी करते हुए साफ कहा है कि वाहन छोड़ने में अनावश्यक देरी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

IMG 20260418 WA0030paid hero ad 20250215 123933 1 scaled

एडीजी यातायात सुधांशु कुमार ने स्पष्ट किया है कि अब थाना पुलिस को किसी भी दुर्घटनाग्रस्त या जब्त वाहन को 24 घंटे के भीतर उसके वैध मालिक को सौंपना होगा. यह निर्देश राज्य के सभी जिलों के एसपी और ट्रैफिक डीएसपी को भेज दिया गया है. इस पहल का मुख्य उद्देश्य थानों में वाहनों के अंबार को कम करना और जनता को अनावश्यक मानसिक व आर्थिक परेशानी से बचाना है.

IMG 20240904 WA0139

नई व्यवस्था के तहत अगर कोई थाना वाहन रिलीज करने में टालमटोल करता है तो वाहन मालिक सीधे पुलिस मुख्यालय की मॉनिटरिंग सेल में शिकायत दर्ज करा सकता है. एडीजी यातायात ने यह भी जानकारी दी है कि यदि कोई थाना प्रभारी या पुलिसकर्मी निर्धारित समय सीमा के अंदर गाड़ी छोड़ने में आनाकानी करता है तो वाहन मालिक को अब डरने की जरूरत नहीं है. पुलिस मुख्यालय ने इसके लिए एक विशेष मॉनिटरिंग सेल बनाया है. आप सीधे हेल्पलाइन नंबर- 9031829356 (मोबाइल/व्हाट्सएप नंबर) पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

IMG 20250821 WA0010

मुख्यालय स्तर पर मिली शिकायतों के बाद यह कदम उठाया गया है. दरअसल, कई मामलों में देखा गया कि छोटे हादसों के बाद भी वाहनों को ‘इन्वेस्टिगेशन’ के नाम पर लंबे समय तक थानों में खड़ा रखा जाता था. नई व्यवस्था के तहत अब पुलिस को अपनी कागजी कार्रवाई तेज करनी होगी ताकि आम आदमी का नुकसान कम से कम हो. बिहार पुलिस का यह कदम पुलिसिंग सिस्टम में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है.

FB ADD scaledIMG 20241218 WA0041IMG 20260201 WA0062 1