अपर निदेशक सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी ने समस्तीपुर सिविल सर्जन को लगायी फटकार, तीन दिनों में मांगी रिपोर्ट

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समस्तीपुर : वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम, मुख्य मलेरिया कार्यालय पटना के अपर निदेशक सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी अनिल कुमार ने समस्तीपुर सिविल सर्जन डॉ. एसके चौधरी को फटकार लगायी गई है। बताया गया है कि जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यालय में पदास्थापित भीडीसीओ प्रीति कुमारी पिछले वर्ष के अप्रैल से सितंबर तक के लंबित वेतन भुगतान व सिविल सर्जन के असभ्य तरीके से बात करने के मामले में शिकायत की थी।
इस संबंध में अपर निदेशक सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी ने पत्र के माध्यम से पूर्व में दिए गए निर्देश के बावजूद भी सिविल सर्जन के द्वारा निर्देश का अनुपालन नहीं करने पर खेद जताया है। उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देश दिया है कि बिहार सरकार द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करते हुए पत्र निर्गत की तिथि के तीन कार्य दिवसों में वस्तुस्थिति से उनके कार्यालय को अवगत कराएं।

उन्होंने कहा है कि प्राप्त अभ्यावेदन से स्पष्ट होता है कि सिविल सर्जन डॉ. एसके चौधरी ने प्रोटोकॉल का पालन नहीं करते हुए अपने क्षेत्राधिकार का उल्लंघन कर सबसे कनीय पदाधिकारी को सीधे निर्देश दिया जाता है, जो सिविल सर्जन के गरीमामय पद के लिए शोभा नही देता है। बता दें कि भीडीसीओ प्रीति कुमारी, आर्य कुमार, रामा स्वामी वेंकट रमण शर्मा एवं मुन्ना कुमार भास्कर ने अपर निदेशक सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी, वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम को पत्र के माध्यम से गुहार लगायी थी।

अपर निदेशक सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी जिले के मलेरिया कार्यालय में पदस्थापित सभी पदाधिकारियों व कर्मियों का निकटतम नियंत्री पदाधिकारी होते हैं। उनके द्वारा ही वेक्टर जनित रोग नियंत्रण संबंधी दिशा-निर्देश संबंधित कनीय पदाधिकारी व कर्मियों को दिया जाना है। उनके द्वारा ही उनके कार्यों की समीक्षा की जाती है। यदि उनके कार्यों में कोई कमी पाई जाती है, तो आवश्यक सुधारात्मक निर्देश भी निकटतम कनीय पदाधिकारी व कर्मी को दिया जाना है। यदि वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के सम्पूर्ण समीक्षा सिविल सर्जन द्वारा किया जाता है, तो वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यकम में प्राप्त कमियों को सुधार के लिए सिविल सर्जन अपने कनीय जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी को निर्देश दे सकते हैं।





