समस्तीपुर : बिहार शिक्षा परियोजना समस्तीपुर व यूनिसेफ के तत्वावधान में शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय डायट पूसा में सेल्फ स्टीम प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इसमें जिले के विभिन्न प्रखंडों के नामित कक्षा 6 और 8 के शिक्षक शिक्षिकाओं को जीवन कौशल को निखारने के साथ-साथ बॉडी इमेज की सकारात्मक सोंच विकसित करने की भी जानकारी दी जा रही है. मंगलवार को प्रशिक्षण के नोडल पदाधिकारी मयूराक्षी मृणाल ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रशिक्षणार्थियों से सेल्फ स्टीम प्रशिक्षण से संबंधित
फीडबैक लिया और इसका अवलोकन किया ।प्रशिणार्थियों को संबोधित करते हुए श्रीमति मृणाल ने कहा कि युवाओं के जीवन कौशल को निखारने और उनमें बॉडी इमेज की सकारात्मक सोंच विकसित करने में सेल्फ स्टीम प्रशिक्षण काफी सहायक होगा। साथ ही जो रूढ़िवादिता समाज मे चली आ रही है उसमें कमी आएगी। उन्होंने बताया कि यह प्रशिक्षण युवाओं को मीडिया के प्रति नकारात्मक आकर्षण को रोकने व आत्म सम्मान को बढ़ावा देने में कारगर होगा। राज्य स्तरीय मास्टर प्रशिक्षक सुभीत कुमार सिंह, अमरेश कुमार, सूर्य प्रकाश एवं अनुपम कुमारी ने बताया कि यह कार्यक्रम बिहार शिक्षा परियोजना और यूनिसेफ के सहयोग से संचालित है। और प्रशिणार्थियों कार्यक्रम के लक्ष्य, उद्देश्य एवं औचित्य पर बारी-बारी से विस्तार से चर्चा की.
प्रशिक्षण के दौरान मौके पर उनके साथ रहे प्रशिक्षक सुभीत कुमार सिंह ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को एक उत्पादक जीवन जीने और समाज में भाग लेने के लिए आवश्यक कौशलों से लैस करना है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम अब सभी जेंडर के किशोरों में खुद के शरीर की छवि, बॉडी इमेज और आत्मसम्मान में सुधार करने पर ध्यान केंद्रित करेगा। ताकि बच्चे समाज मे आत्म सम्मान के साथ आगे बढ़ सकें।
प्रशिक्षक श्री सुभीत ने कहा कि सेल्फ स्टीम यानी आत्मसम्मान बेस्ड लाइफ स्किल्स कार्यक्रम में किशोरावस्था में आने वाली विभिन्न समस्याओं पर भी गौर करते हुए बच्चों को उससे उबारने संबंधित बातों को बताया। कहा कि सेल्फ स्टीम बेस्ट लाइफ स्किल प्रोग्राम का उद्देश्य किशोरों में उनके शरीर के प्रति आत्मविश्वास आत्म सम्मान और हानिकारक जनरल नॉलेज के बारे में उनकी समझ को विकसित करना है।
प्रशिक्षक ने बताया कि यह कार्यक्रम लिंग संबंधित रूढ़ियों, आदर्श रूप, मीडिया के आदर्श रूप, रूप-रंग की तुलना को समझना और शारीरिक बनावट से जुड़ी हानिकारक बातों को समझने व उन्हें चुनौती देने पर केंद्रित है। बताया गया कि सेल्फ स्टीम प्रशिक्षण समाज की रूढ़िवादी सोंच व किशोरावस्था में होने वाले नकारात्मक आकर्षण को समाप्त करेगा। इस प्रोग्राम में आधा पूल नामक छह कॉमिक्स बुक पर आधारित सेल्फ स्टीम प्रशिक्षण में सकारात्मक शारीरिक छवि और आत्मसम्मान को बढ़ावा देने के साथ-साथ बच्चों में हानिकारक जेंडर आधारित बातों पर चर्चा की गई है। ताकी किशोरों को बॉडी कॉन्फिडेंट चैंपियन बनाया जा सके।
प्रशिक्षकों ने कहा कि लिंग व जेंडर आधारित समाजिक कुरीति व किशोरावस्था में जो लिंग के प्रति युवाओं का आकर्षण होता है, उसे इस प्रशिक्षण के माध्यम से दूर कर युवाओं को सही दिशा दिखाया जाएगा। इस प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न ब्लाकों से नामित कक्षा 6 से 8 के शिक्षक शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है मंगलवार को मोहिउद्दीननगर, मोरवा एवं पूसा के शिक्षकों ने इस प्रशिक्षण में भाग लिया.
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