समस्तीपुर में बेटे के अपहरण का डर दिखाकर 22 हजार की साइबर ठगी, सोशल मीडिया पर गुमशुदगी का पोस्ट देखकर बदमाशों ने जुटाई जानकारी, एआई से बनाया धमकी भरा वीडियो; दो दिन बाद सकुशल लौटा किशोर

समस्तीपुर : बेटे के अपहरण की झूठी कहानी और जान से मारने की धमकी देकर साइबर बदमाशों ने एक परिवार से 22 हजार रुपये ठग लिए। बदमाशों ने सोशल मीडिया पर बच्चे की गुमशुदगी से संबंधित पोस्ट से उसकी तस्वीर और मोबाइल नंबर हासिल किया। इसके बाद एआई की मदद से बच्चे के हाथ-पैर बंधे होने और उसे गोली मारने की धमकी वाला वीडियो तैयार कर परिजनों को भेजा। वीडियो कॉल के जरिए कई घंटों तक परिवार को भयभीत कर रुपये की मांग की गई। हालांकि, दो दिनों की तलाश के बाद शनिवार को किशोर अचानक शहर के विवेक विहार मोहल्ले में मिल गया। बेटे को सकुशल देखकर पिता ने राहत की सांस ली।
पीड़ित दीपक साह मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सोनवर्षा चौक के निवासी हैं। वह शहर के अलग-अलग स्थानों पर गोलगप्पे बेचकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। बताया गया है कि गुरुवार को उनका 12 वर्षीय पुत्र बाल कटवाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटा। काफी खोजबीन के बाद परिजनों ने सोशल मीडिया पर उसकी तस्वीर के साथ गुमशुदगी की पोस्ट डाली और मुफस्सिल थाने को भी सूचना दी।

मध्य प्रदेश से वीडियो कॉल कर दी धमकी :
बताया गया है कि गुमशुदगी की पोस्ट से बच्चे की तस्वीर और मोबाइल नंबर हासिल करने के बाद साइबर बदमाशों ने परिजनों से संपर्क किया। बदमाशों ने खुद को बच्चे का अपहरणकर्ता बताते हुए उसे नुकसान पहुंचाने की धमकी दी। एआई से तैयार किया गया धमकी भरा वीडियो भी भेजा गया। इसके बाद वीडियो कॉल के माध्यम से परिवार को लगातार भयभीत किया गया और बच्चे की वापसी के बदले रुपये मांगे गए।
बेटे की सुरक्षा को लेकर परेशान दीपक ने बदमाशों के बताए तरीके से यूपीआई के माध्यम से 22 हजार रुपये भेज दिए। इसके बाद भी परिजन आशंकित रहे। बदमाशों ने बच्चे को वापस करने पर और रुपये नगद देने की बात भी कही थी। जानकारी के अनुसार, ठगी की रकम मध्य प्रदेश से जुड़े एक बैंक खाते में भेजी गई, जबकि खाते के संबंध में अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है।

दो दिनों तक सीसीटीवी खंगालती रही पुलिस :
बच्चे के लापता होने और अपहरण की धमकी मिलने के बाद पुलिस के साथ परिजन भी उसकी तलाश में जुटे थे। शहर के विभिन्न स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे थे। परिवार को धमकी मिलने के कारण मामला संवेदनशील बना हुआ था। इसी बीच शनिवार को विवेक विहार मोहल्ले में पुलिस और पिता के सामने किशोर अचानक पहुंच गया। उसे सकुशल देखकर परिवार ने राहत की सांस ली।
बलिया जाने की बात कह रहा किशोर :
पुलिस की पूछताछ में किशोर ने अपने साथ किसी अप्रिय घटना होने से इनकार किया है। उसने बताया कि वह उत्तर प्रदेश के बलिया चला गया था। किशोर के अनुसार, तिरहुत अकादमी के पास एक व्यक्ति ने उसे चावल-दाल खिलाया और फिर अपने साथ बलिया ले गया। उसने कुछ नशीले पदार्थ जैसा खिलाए जाने की बात भी कही। उसके मुताबिक, होश आने पर वह खुद को बलिया में एक ट्रेन में पाया। इसके बाद ट्रेन से उतरकर वह वापस समस्तीपुर पहुंचा। पुलिस किशोर के बयान की जांच कर रही है।

साइबर पुलिस की मदद से जांच :
मुफस्सिल थानाध्यक्ष अजीत प्रसाद सिंह ने बताया कि बच्चे के लापता होने के मामले को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही थी। इसी दौरान किशोर खुद वापस आ गया। अपहरण की धमकी देकर ऑनलाइन रुपये ठगने के मामले में साइबर पुलिस की मदद ली जा रही है। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर रुपये भेजे गए बैंक खाते और फोन कॉल से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि सोशल मीडिया पर डाली गई गुमशुदगी की पोस्ट से जानकारी हासिल कर ठगी की घटना को कैसे अंजाम दिया गया।


