उद्घाटन के दो हफ्ते बाद ही सदर अस्पताल का ICU गार्ड के भरोसे, डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ गायब; 24 घंटे अलग-अलग शिफ्टों में तैनात किये गये थे डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ

समस्तीपुर : सदर अस्पताल में बड़े दावों के साथ शुरू किए गए अत्याधुनिक आईसीयू की व्यवस्था उद्घाटन के महज दो सप्ताह बाद ही सवालों के घेरे में आ गई है। मंगलवार की शाम आईसीयू में चार गंभीर मरीज भर्ती थे, लेकिन वहां डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ मौजूद नहीं थे। पूरे आईसीयू की जिम्मेदारी केवल एक सुरक्षा गार्ड के भरोसे नजर आई, जिससे मरीज के परिजन काफी परेशान रहे। इस दौरान, मरीज के परिजन इलाज और चिकित्सकीय सलाह के लिए इधर-उधर भटकते रहे, लेकिन ड्यूटी पर कोई डॉक्टर या नर्सिंग स्टाफ उपलब्ध नहीं मिले।
डॉक्टर के चेंबर में ताला लटका हुआ था और नर्सिंग स्टाफ भी आईसीयू से नदारद थे। ऐसे में गंभीर मरीज की देखभाल को लेकर परिजनों में चिंता और नाराजगी देखी गई। आईसीयू में फिलहाल दो एसिड अटैक में जख्मी सास-बहू, एक टीबी और एक लीवर इन्फेक्शन के गंभीर मरीज भर्ती है। गौरतलब है कि विगत 22 जुलाई को ही डीएम रोशन कुशवाहा ने सदर अस्पताल के आईसीयू का फीता काटकर उद्घाटन किया था।


उद्घाटन के दौरान दावा किया गया था कि गंभीर मरीजों को अब बेहतर और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके लिए रोस्टर बनाकर 24 घंटे अलग-अलग शिफ्टों में डाॅक्टर, नर्स व चतुर्थ वर्गीय कर्मी की तैनाती की गयी थी। इसके अलावे नोडल पदाधिकारी के रूप में डाॅ. सत्येंद्र कुमार की भी तैनाती हुई थी। लेकिन उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद सामने आई यह स्थिति अस्पताल प्रशासन के दावों पर सवाल खड़े कर रही है। मरीज के परिजनों का कहना है कि आईसीयू जैसी संवेदनशील इकाई में डॉक्टर और प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की अनुपस्थिति गंभीर लापरवाही है। उनका आरोप है कि समय पर डाॅक्टर उपलब्ध नहीं होने से मरीज की जान को खतरा हो सकता है।

बयान :
मंगलवार को मैं छुट्टी पर था, डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ की 24 घंटे आईसीयू में पोस्टिंग की गयी है। अगर मंगलवार की शाम डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ आईसीयू से नदारद थे तो सिविल सर्जन से इसकी शिकायत की जाएगी।
– डॉ. सत्येंद्र कुमार, नोडल पदाधिकारी, आईसीयू, सदर अस्पताल समस्तीपुर




