समस्तीपुर : दिव्यांग लाभुक से रिश्वत लेने के आरोप में डाटा एंट्री ऑपरेटर, दो दलाल और साइबर कैफे संचालक गिरफ्तार

समस्तीपुर/पटोरी : पटोरी के श्रम प्रवर्तन कार्यालय में दिव्यांग लाभुक से रिश्वत लेने के आरोप में शुक्रवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विभाग के डाटा एंट्री ऑपरेटर, दो कथित दलाल और एक साइबर कैफे संचालक समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। एसडीओ विकास कुमार पांडेय के नेतृत्व में गठित टीम ने श्रम प्रवर्तन कार्यालय और संबंधित स्थानों पर छापेमारी कर महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए। गिरफ्तार आरोपितों में डाटा एंट्री ऑपरेटर मुकेश कुमार, कथित दलाल संजय राय और सकलदीप दास तथा ‘राधे-राधे इंटरनेट जोन’ के संचालक सावन कुमार शामिल हैं। प्रशासन मामले की जांच में जुटा है।
वहीं, प्रखंड श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। शिकायत के अनुसार, विभागीय कर्मियों और दलालों के गठजोड़ ने एक दिव्यांग लाभुक से सहायता राशि दिलाने के नाम पर रिश्वत ली और बाद में अतिरिक्त रकम के लिए लगातार दबाव बनाया। शिकायत की पुष्टि होने पर एसडीओ के नेतृत्व में कार्यपालक दंडाधिकारी राजीव कुमार, बीडीओ कुमुद रंजन, सीओ अभिषेक कुमार तथा अपर थानाध्यक्ष अंशु सिंह की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को छापेमारी की।


एसडीओ ने बताया कि शिकायतकर्ता लगुनिया निवासी संजीव कुमार दोनों पैरों से दिव्यांग हैं। वे तिपहिया वाहन से आवागमन करते हैं और वर्तमान में पटोरी प्रखंड दिव्यांग संघ के अध्यक्ष हैं। उनके बड़े भाई राजीव कुमार (34 वर्ष) की गत वर्ष असामयिक मृत्यु हो गई थी। राजीव की पत्नी चमेली देवी मूक-बधिर हैं और उनके तीन छोटे बच्चे हैं। चमेली देवी ने बिहार शताब्दी असंगठित कार्य क्षेत्र कामगार सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाली 50 हजार रुपये की सहायता राशि के लिए आवेदन किया था।

आरोप है कि राशि स्वीकृत कराने के एवज में डाटा एंट्री ऑपरेटर और दलालों ने पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी। मुकेश कुमार, संजीव को ब्लॉक परिसर के पास स्थित ‘राधे-राधे इंटरनेट जोन’ ले गया, जहां संचालक सावन कुमार के स्कैनर के माध्यम से पांच हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कराए गए। इसके बाद सावन ने मुकेश को उतनी ही राशि नकद दे दी। पीड़ित का आरोप है कि सहायता राशि खाते में आने के बाद भी आरोपितों ने संजीव पर 10 हजार रुपये और देने का दबाव बनाया। वे लगातार फोन करने के साथ घर जाकर भी रुपये मांगते थे। इससे परेशान होकर संजीव ने रुपये मांगने का वीडियो बनाया और बीडीओ व एसडीओ से शिकायत कर दी।

शिकायत के बाद हुई छापेमारी में मुकेश कुमार, संजय राय और सकलदीप दास को श्रम प्रवर्तन कार्यालय से गिरफ्तार किया गया। इसके बाद सावन कुमार को उसके साइबर कैफे से हिरासत में लिया गया। सकलदीप दास के पास से करीब 50 लोगों के नामों वाली एक सूची बरामद हुई है, जिसमें कथित लेनदेन का विवरण दर्ज है। वहीं, मुकेश कुमार के मोबाइल की कॉल हिस्ट्री से दलालों के साथ लगातार संपर्क होने की बात भी सामने आई है। मामले में गोरगामा निवासी सोनू सिंह को भी दलाली के आरोप में नामजद किया गया है और उसकी तलाश की जा रही है।

बयान :
प्रखंड श्रम प्रवर्तन कार्यालय में रिश्वतखोरी का एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय होने की आशंका है। इस पूरे मामले में प्रखंड श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी की भूमिका भी संदिग्ध प्रतीत हो रही है। उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा तथा उच्चाधिकारियों से विभागीय जांच की अनुशंसा की जाएगी। वहीं, गिरफ्तार डाटा एंट्री ऑपरेटर को पदमुक्त करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
-विकास कुमार पांडेय, एसडीओ, पटोरी


