सांकेतिक तस्वीर : सोर्स गूगल
समस्तीपुर : पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे के प्रस्तावित रूट अलाइनमेंट को लेकर सरायरंजन क्षेत्र के ग्रामीणों का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। वर्तमान प्रस्तावित रूट से घर, दुकान और शैक्षणिक संस्थानों को होने वाले नुकसान के विरोध में पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे रूट सुधार जन संघर्ष समिति ने 13 अगस्त से अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण जन आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया है। समिति की ओर से आंदोलन की सूचना को लेकर सदर अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) को औपचारिक पत्र भी सौंपा गया है।
समिति का कहना है कि वर्तमान प्रस्तावित अलाइनमेंट से सरायरंजन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियां प्रभावित होंगी। ग्रामीणों के अनुसार, रूट की जद में आने के कारण सैकड़ों परिवारों के मकान और दुकानें टूटने की स्थिति में पहुंच सकती हैं। इससे बड़ी संख्या में लोगों के सामने विस्थापन और रोजगार का संकट खड़ा होने की आशंका है।
ग्रामीणों ने प्रस्तावित रूट से शैक्षणिक संस्थानों को होने वाले नुकसान पर भी गंभीर चिंता जतायी है। समिति के अनुसार, केएसआर इंटर कॉलेज का पूरा भवन, डिग्री कॉलेज का आंशिक भवन और कॉलेज का विशाल खेल मैदान प्रस्तावित अलाइनमेंट से प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षण संस्थानों को नुकसान पहुंचाकर विकास कार्य करना उचित नहीं है। ऐसे में रूट की दोबारा समीक्षा कर वैकल्पिक मार्ग तलाशने की जरूरत है।
समिति के अनुसार, ग्रामीणों ने 5 अगस्त को अपनी मांगों को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया था और बीडीओ को ज्ञापन सौंपकर समस्या के समाधान की मांग की थी। इसके बावजूद अब तक जिला प्रशासन अथवा एनएचएआई के अधिकारियों की ओर से ग्रामीणों के साथ वार्ता नहीं की गयी। समिति का आरोप है कि प्रशासन के इसी उपेक्षापूर्ण रवैये के कारण ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता गया और अब आंदोलन का निर्णय लेना पड़ा है।
समिति ने बताया कि 13 अगस्त को सुबह 11 बजे से मुसरीघरारी चौक पर शांतिपूर्ण जन आंदोलन शुरू किया जायेगा। यह आंदोलन मांगें पूरी होने तक अनिश्चितकालीन रूप से जारी रखने का निर्णय लिया गया है। समिति ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन का उद्देश्य विकास कार्य का विरोध करना नहीं, बल्कि ऐसे रूट का चयन कराना है जिससे स्थानीय लोगों के घर, दुकान और शैक्षणिक संस्थान कम से कम प्रभावित हों।
ग्रामीणों ने वर्तमान प्रस्तावित रूट की समीक्षा कर वैकल्पिक मार्ग निर्धारित करने की मांग की है। समिति के अनुसार, पूर्व में राजस्व एवं प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से भी वैकल्पिक अलाइनमेंट का सुझाव दिया गया था। ग्रामीणों की मांग है कि उसी विकल्प पर गंभीरता से विचार करते हुए उसे लागू किया जाये। समिति ने जिला प्रशासन और एनएचएआई के वरीय अधिकारियों के साथ तत्काल बैठक बुलाकर समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जायेगा।
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