समस्तीपुर के इस गांव में गबन के आरोप में मुखिया बर्खास्त, पांच वर्षों तक चुनाव लड़ने पर भी रोक

समस्तीपुर/खानपुर : खानपुर प्रखंड अंतर्गत श्रीपुर गाहर पश्चिमी पंचायत के मुखिया रमेश मांझी को वित्तीय गबन करने के आरोप में मुखिया पद से हटा दिया गया है। साथ ही इस पंचायत के मुखिया को पांच वर्षों तक चुनाव लड़ने पर भी रोक लगा दी गई है। बता दें कि रमेश मांझी 2016 से श्रीपुर गाहर पश्चिमी पंचायत के मुखिया पद पर बने हुए हैं। इस पंचायत के मुखिया रमेश मांझी को बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 की धारा 18(5) के तहत मुखिया पद से हटाया गया है। साथ ही आदेश जारी किया गया है, कि वे पंचायत निकायों के किसी भी निर्वाचन में अगले पांच वर्षों तक उम्मीदवार बनने के पात्र नहीं होंगे।
मामला वर्ष 2023 में ठेला-रिक्शा एवं डिब्बा खरीद योजना से जुड़ा है। आरोप है कि इस योजना के तहत लगभग 11 लाख रुपये की राशि की निकासी मुखिया के बैंक खाते के माध्यम से की गई। जबकि नियमानुसार भुगतान संबंधित एजेंसी या वेंडर के नाम से किया जाना चाहिए था। इस मामले में मुखिया रमेश मांझी के विरुद्ध खानपुर थाना में भारतीय दंड संहिता (तत्कालीन लागू प्रावधानों) की धारा 409, 419 एवं 420 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।


आदेश में कहा गया है कि उपलब्ध अभिलेखों, जांच प्रतिवेदन एवं विवेचना के आधार पर मुखिया रमेश माझी का कृत्य पद में निहित शक्तियों के दुरुपयोग, कर्तव्यों के निर्वहन में दुराचार तथा गंभीर वित्तीय अनियमितता है। इसी आधार पर उन्हें मुखिया पद से हटाने की कार्रवाई की गई है। जिला पंचायती राज पदाधिकारी, समस्तीपुर की स्थलीय जांच रिपोर्ट के अनुसार पंचायत के विभिन्न वार्डों में ठेला-रिक्शा एवं डिब्बे उपलब्ध पाए गए। हालांकि जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इनकी खरीद लगभग दो माह पूर्व की गई। जबकि इस मद में भुगतान वर्ष 2023 में ही कर लिया गया था।

जांच रिपोर्ट के अनुसार 5 जुलाई 2023 को 5 लाख रुपये, 13 जुलाई 2023 को दो किस्तों में कुल 5 लाख रुपये (प्रत्येक 2.50 लाख रुपये) तथा 16 नवंबर 2023 को 1 लाख रुपये की निकासी की गई थी। इस प्रकार कुल 11 लाख रुपये चेक के माध्यम से निकाले गए। जांच में यह भी पाया गया कि राशि मुखिया के बैंक खाते के माध्यम से निकाली गई। जबकि नियमों के अनुसार भुगतान एजेंसी अथवा वेंडर के नाम होना चाहिए था। फिलहाल प्रशासनिक जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए रमेश मांझी को खानपुर प्रखंड के श्रीपुर गाहर पश्चिमी पंचायत के मुखिया पद से हटा दिया गया है। साथ ही उन्हें अगले पांच वर्षों तक पंचायत चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया है।




