41 दिनों तक थमी रहेगी शहर की रफ्तार, लाइफ-लाइन कहे जाने वाले ओवरब्रिज पर पैदल चलने पर भी रहेगी पाबंदी, वैकल्पिक मार्ग का रूट-चार्ट देखें

समस्तीपुर : मिथिला के प्रवेश द्वार और शहर की लाइफ-लाइन माने जाने वाले 56 वर्ष पुराने रेलवे ओवरब्रिज को आखिरकार नया जीवन मिलने जा रहा है। शहर के दो हिस्सों को जोड़ने वाला यह ऐतिहासिक पुल 5 जुलाई से मरम्मत के लिए पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। तत्कालिक तौर पर आगामी 15 अगस्त तक इस पुल पर किसी भी प्रकार के वाहन तो दूर, पैदल आवाजाही भी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। पुल के बंद रहने के दौरान शहर की यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने वैकल्पिक रूट चार्ट जारी किया है।
वर्ष 1970 में बने इस ओवरब्रिज की पहचान केवल समस्तीपुर शहर तक सीमित नहीं है। यह पूरे मिथिलांचल की जीवनरेखा मानी जाती है। इसके उत्तरी छोर पर रेलवे समस्तीपुर जंक्शन, मुख्य बाजार तथा दरभंगा, मधुबनी और नेपाल की ओर जाने वाले प्रमुख मार्ग हैं, जबकि दक्षिणी हिस्से में कोर्ट, कलेक्ट्रेट, नगर निगम कार्यालय, आधा दर्जन थाना, बस स्टैंड और बेगूसराय-पटना की ओर जाने वाले मार्ग स्थित हैं। पुल के नीचे समस्तीपुर-दरभंगा और समस्तीपुर-मुजफ्फरपुर रेलखंड की व्यस्त रेलवे लाइनें गुजरती हैं, जिन पर दिन-रात ट्रेनों का परिचालन होता है। करीब 56 वर्ष पुराने इस पुल की स्थिति अब काफी जर्जर हो चुकी है।

जानकारी के अनुसार पुल का निर्माण 19 पायों पर किया गया था और समय के साथ इसके कई हिस्से कमजोर हो गए हैं। विशेष रूप से एक्सटेंशन ज्वाइंट काफी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिन्हें बदलना अत्यंत आवश्यक हो गया था। इसी कारण पुल को पूरी तरह बंद कर मरम्मत कराने का निर्णय लिया गया है। सदर एसडीओ कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में सदर एसडीओ दिलीप कुमार और ट्रैफिक डीएसपी आशीष राज ने बताया कि पुल की स्थिति को देखते हुए इसकी तत्काल मरम्मत जरूरी थी। कार्य तेजी से पूरा हो सके, इसके लिए एक माह का ब्लॉक लिया गया है। हालांकि प्रशासन ने 5 जुलाई से 15 अगस्त तक की समय-सीमा निर्धारित की है ताकि आवश्यक कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ संपन्न कराया जा सके।

24 घंटे तीन शिफ्टों में चलेगा मरम्मती का कार्य :
सदर एसडीओ ने बताया कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी वजह से पुल पर पैदल आवाजाही भी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। निर्माण एजेंसी को निर्देश दिया गया है कि दिन-रात तीन शिफ्टों में लगातार 24 घंटे कार्य कर समय सीमा के भीतर मरम्मत पूरी की जाए। सबसे पहले जर्जर हो चुके एक्सटेंशन ज्वाइंट को बदलने और पुल को मजबूत करने का कार्य किया जाएगा। इसके सभी गार्टर और स्लैब के बीच एक्सटेंशन ज्वाइंट को उठाकर गैप को भरा जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पुल बंद रहने के दौरान शहर को दो हिस्सों में बंटने जैसी स्थिति से बचाने के लिए व्यापक ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है। प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती होगी और बाहर से आने वाले वाहनों को वैकल्पिक रास्तों से गंतव्य तक पहुंचाया जाएगा।

रेलवे से समन्वय स्थापित करेगा जिला प्रशासन :
एसडीओ ने बताया कि अटेरन चौक, कोरबद्दा व बेलारी रेलवे गुमटी पर जाम की आशंका को देखते हुए समस्तीपुर रेल मंडल व सोनपुर रेल मंडल के रेलवे अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। ट्रेन गुजरने के तुरंत बाद गुमटी खोलने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी ताकि वाहनों की लंबी कतार न लगे। इसके अलावा शहर में सिंगल रूट सिस्टम लागू किया जाएगा और लोगों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की गई है।
प्रमुख चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती :
ओवरब्रिज बंद रहने की अवधि में लोगों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए सभी वैकल्पिक मार्गों पर ट्रैफिक व्यवस्था की विशेष निगरानी की जाएगी। पुलिसकर्मी बाहर से आने वाले वाहनों को निर्धारित रूट से गंतव्य तक पहुंचाने में मदद करेंगे। प्रशासन के अनुसार अटेरन चौक रेलवे गुमटी, कन्हैया चौक, महादेव चौक, धर्मपुर चौक, पासवान चौक, मगरदही घाट तथा अन्य प्रमुख मार्गों पर विशेष नजर रखी जाएगी। रेलवे के साथ समन्वय स्थापित कर अटेरन चौक रेलवे गुमटी को ट्रेन गुजरने के तुरंत बाद खोलने का प्रयास किया जाएगा, ताकि वाहनों की लंबी कतार और जाम की स्थिति न बने। जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे जारी किए गए वैकल्पिक रूट चार्ट का पालन करें, यातायात नियमों का अनुपालन करें तथा पुलिस-प्रशासन का सहयोग करें, ताकि ओवरब्रिज की मरम्मत अवधि के दौरान शहर की यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।

आरओबी के एक्सटेंशन ज्वाइंट बदलने का होगा काम :
रेलवे ओवरब्रिज की मरम्मत के दौरान सबसे महत्वपूर्ण कार्य एक्सटेंशन ज्वाइंट को बदलने का होगा। प्रशासन के अनुसार पुल के जर्जर हो चुके एक्सटेंशन ज्वाइंट को हटाकर नए ज्वाइंट लगाए जाएंगे, जिससे पुल की मजबूती और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हो सके। बता दें कि एक्सटेंशन ज्वाइंट पुल का वह हिस्सा होता है, जो दो स्लैब या स्पैन को जोड़ता है। तापमान में बदलाव, भारी वाहनों के दबाव और कंपन के कारण पुल सिकुड़ता और फैलता रहता है। ऐसे में एक्सटेंशन ज्वाइंट इस हलचल को संतुलित करते हैं और पुल पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ने देते है। समय के साथ लगातार भारी यातायात और मौसम के प्रभाव से ये ज्वाइंट घिस जाते हैं या क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में पुल पर झटके महसूस होने लगते हैं, कंपन बढ़ जाता है और बारिश का पानी भी दरारों के जरिए पुल के अंदर पहुंचकर लोहे और कंक्रीट को नुकसान पहुंचाने लगता है। यदि समय पर इनकी मरम्मत या बदलाव नहीं किया जाए तो पुल टूट भी सकता है।

वैकल्पिक रूट चार्ट :
- बेगूसराय एवं रोसड़ा की ओर जाने वाली बसें हाउसिंग बोर्ड मैदान से संचालित होंगी।
- रोसड़ा की ओर से मुजफ्फरपुर जाने वाले वाहन कन्हैया चौक से जितवारपुर बुल्लेचक रेलवे गुमटी पारकर महादेव चौक कोरबद्दा पहुंचेंगे। वहां से संत कबीर कॉलेज होते हुए मोहनपुर रोड या सीधे एनएच-28 की ओर जा सकेंगे।
- कलेक्ट्रेट व मोहनपुर क्षेत्र से समस्तीपुर कॉलेज जाने वाले लोग अटेरन चौक रेलवे गुमटी, सोनेलाल ढाला और सेंट पॉल स्कूल होते हुए हसनपुर मार्ग का उपयोग करेंगे।
- ताजपुर रोड एवं धरमपुर से बाजार आने वाले वाहन धरमपुर चौक से बाईपास होते हुए पासवान चौक, मगरदही घाट के रास्ते शहर के अंदरूनी बाजार में प्रवेश करेंगे।
- दरभंगा, मधुबनी व नेपाल की ओर से आने वाले वाहन कल्याणपुर, पूसा व ताजपुर के रास्ते एनएच-28 पर पहुंचेंगे व मुजफ्फरपुर, पटना व बेगूसराय की ओर रवाना होंगे।
सदर SDO दिलीप कुमार ने दी जानकारी, देखें वीडियों :
