एक दिवसीय हड़ताल के कारण समस्तीपुर में बंद रहीं दवा दुकानें, मरीजों को हुई परेशानी

समस्तीपुर : राष्ट्रीय संगठन एआईओसीडी एवं बिहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन (बीसीडीए) के आह्वान पर बुधवार को समस्तीपुर जिले की अधिकांश दवा दुकानें बंद रहीं। समस्तीपुर डिस्ट्रीक्ट केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के समर्थन में आयोजित इस एक दिवसीय बंदी का असर जिलेभर में देखने को मिला। दवा दुकानों के बंद रहने से मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई लोग जरूरी दवा के लिए इधर-उधर भटकते नजर आये।
एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद कुमार और सचिव कृष्ण कुमार मिश्रा ने बताया कि ऑनलाइन दवा बिक्री एवं बड़े कॉरपोरेट घरानों द्वारा भारी छूट देकर दवा व्यवसाय को प्रभावित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे पारंपरिक दवा व्यवसायियों की गरिमा प्रभावित हो रही है तथा आम लोगों और दवा दुकानदारों के बीच दूरी बढ़ रही है। संगठन ने नकली दवाओं पर रोक लगाने और दवा व्यवसाय की सुरक्षा की मांग उठायी है।

उन्होंने कहा कि ऑनलाइन दवा आपूर्ति के दौरान दवाओं के सुरक्षित रखरखाव और आवश्यक तापमान मानकों का सही तरीके से पालन नहीं हो पाता, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। दवा जीवनरक्षक वस्तु है, इसलिए इसके भंडारण और वितरण में विशेष सावधानी जरूरी है। बंदी के बावजूद आम लोगों की सुविधा को देखते हुए जिला, अनुमंडल और प्रखंड मुख्यालयों में कुछ चयनित मेडिकल स्टोर खुले रखे गये थे।
समस्तीपुर में भारत मेडिकल हॉल, बिथान में शिवम मेडिकल हॉल, हसनपुर में रामा मेडिकल हॉल, रोसड़ा में न्यू शिव मेडिकल हॉल, ताजपुर में हिन्दुस्तान मेडिकल हॉल, पूसा रोड में महादेव मेडिकल हॉल, कल्याणपुर में अमित मेडिकल हॉल तथा वारिसनगर में अमनदीप मेडिकल हॉल से लोगों को दवा उपलब्ध करायी गयी। इधर, निजी दवा दुकानों के बंद रहने के कारण सदर अस्पताल में दवा लेने वालों की भीड़ बढ़ गयी। अस्पताल परिसर में मरीजों और परिजनों की लंबी कतारें देखी गयीं।





