‘प्रभारियों’ के भरोसे चल रहे आधा दर्जन से अधिक विभाग, जरूरी फाइलों और आदेशों पर अधिकारी के हस्ताक्षर न होने से लोगों को कार्यालयों के लगाने पड़ रहे हैं चक्कर

समस्तीपुर/विद्यापतिनगर [पदमाकर सिंह लाला] : प्रखंड स्तर पर प्रशासनिक व विकासीय कार्यों का समन्वय करने वाले अति महत्वपूर्ण प्रखंड व अंचल कार्यालय का काम पिछले छह माह से अधिक समय से प्रभारी पदाधिकारियों के कंधे पर है। फ़लतः विकास व आमजनों से जुड़ी जरूरी फाइलों और आदेशों पर अधिकारी के हस्ताक्षर न होने से लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इसके अलावा शिक्षा, सांख्यिकी,खाद्य आपूर्ति, कल्याण, श्रम प्रवर्तन, उद्योग विस्तार, पशु चिकित्सा सहित कई विभाग प्रभारियों के भरोसे चल रहे हैं।
इन पर पूर्णकालिक अधिकारी न होने की वजह से कही कही तो अधिकारी स्तर से कम स्तर के अधिकारियों को ही प्रभार देकर काम चलाया जा रहा है। जिससे विभागीय कार्यों के संचालन में जहां समस्या आ रही है। वहीं प्रभारी अधिकारियों को पूर्व से ही दो तीन जगहों पर प्रभार व पूर्णकालिक पदस्थापन की वजह से समय के अभाव में कार्यकाल नियमित रूप से नहीं आने से परेशानियां और भी बढ़ गई है। वहीं समयाभाव की वजह से फाइलों के अवलोकन में देरी से जरूरी निर्णय ससमय न ले पाने की वजह से आवश्यक काम रुक भी रहे हैं।

सबसे महत्वपूर्ण यह कि कई अधिकारियों के पास जहां वित्तीय अधिकार नहीं हैं। तो कई अधिकारी दो से तीन जगहों का प्रभार संभाल रहे हैं। एक साथ दो नावों की सवारी करने की तर्ज पर दो या अधिक जगहों पर सेवाएं दे रहे ये अधिकारी जहां एक प्रखंड से दूसरे प्रखंडों में भागदौड़ को लेकर खुद भी परेशान हैं। वहीं उनका अधीनस्थ अमला भी जरूरी फाइलों पर उनके हस्ताक्षर का इंतजार करता है। इस स्थिति में आम जन के काम प्रभावित हो रहे हैं। जरूरी फाइलों और आदेशों पर अधिकारी के हस्ताक्षर न होने से लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

वहीं गत विधानसभा चुनाव में कथित कार्य शिथिलता के आरोप में चुनाव आयोग द्वारा निलंबित किए गए बीडीओ मो. महताब अंसारी व अंचलाधिकारी कुमार हर्ष 5 माह पूर्व ही निलंबन मुक्त हो अपने पदस्थापन के इंतजार में हैं। वहीं 4 माह पूर्व निगरानी विभाग की जद में आएं प्रखंड खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी राजेश कुमार भगत के न्यायिक अभिरक्षा में जाने के बाद यह विभाग भी प्रभार के भरोसे है।

सांख्यिकी पदाधिकारी रंजीत कुमार का जंदाहा स्थानांतरण होने के बाद 6 माह से अधिक समय से प्रभारी के कंधे पर ही यह महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी है। शिक्षा विभाग का कार्य दलसिंहसराय के बीईओ डॉ. प्रभात रंजन संभाल रहे हैं। कई विभागों के काम एक दो अधिकारियों पर थोप दिए गए हैं। अधिकारियों की कमी की वजह से पेंडिंग फाइलों की संख्या बढ़ती जा रही है। इसके अलावा कई सहायक पदाधिकारियों को प्रभार सौंप काम चलाया जा रहा है। इसके अलावा लगभग सभी विभागों में कार्यलय सहायक की व्यवस्था न होने से वर्तमान कार्यरत कार्यलय सहायक पर कार्य का ज्यादा बोझ पड़ रहा है या फिर कई काम बाहर से कराने की स्थिति बनती है। अधिकारियों को नोटशीट तैयार कराने के लिए परेशान होना पड़ता है। जिसकी वजह से जहां वे खुद परेशान हैं वहीं विभाग की कार्यप्रणाली भी प्रभावित होती है।



