समस्तीपुर में पेंशन लिस्ट से हटेंगे फर्जी नाम, 1 लाख 17 हजार लाभार्थियों की होगी जांच

समस्तीपुर : जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना की क्लीनिंग ड्राइव शुरू की गई है। इसमें जिले में 1.17 लाख से अधिक ऐसे पेंशनधारियों की पहचान की गई है, जिनका अब तक जीवन प्रमाणीकरण नहीं हो सका है। प्रशासन को आशंका है कि इनमें बड़ी संख्या में मृत, अपात्र अथवा फर्जी लाभुक भी शामिल हो सकते हैं। इन्हें चिह्नित कर सूची से हटाने के लिए पंचायत स्तर पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे।
सीएससी केंद्रों के माध्यम से बायोमेट्रिक सत्यापन कराया जाएगा। फिंगर या आईरिस मैच नहीं होने पर संबंधित लाभुकों का घर जाकर भौतिक सत्यापन भी किया जाएगा। बताया गया कि कई बार मौका दिए जाने के बावजूद बड़ी संख्या में लाभुकों ने जीवन प्रमाणीकरण नहीं कराया।

जांच के दौरान कई मामलों में गड़बड़ी सामने आने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन का कहना है कि आधार लिंक नहीं रहने और केवाईसी अधूरी होने के कारण भी सिस्टम में फर्जी एंट्री की आशंका बनी रहती है। सरकार के निर्देश पर अब मिशन मोड में अभियान चलाया जाएगा। यदि जांच में कोई लाभुक मृत या अपात्र पाया जाता है तो उसका नाम पोर्टल से हटाया जाएगा और भुगतान बंद कर दिया जाएगा। वहीं, फर्जी तरीके से पेंशन लेने वालों से राशि वसूली की कार्रवाई भी की जा सकती है। इस अभियान में लापरवाही बरतने वाले पंचायत और प्रखंड स्तर के कर्मियों की जिम्मेदारी भी तय होगी। अभियान 30 मई 2026 तक चलने की संभावना है। सभी लंबित लाभुकों से जल्द जीवन प्रमाणीकरण कराने की अपील की है।

पंचायतों में होगा विशेष शिविर :
पंचायत स्तर पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इसमें सीएससी केंद्रों पर बायोमेट्रिक जांच होगी। फिंगर या आईरिस फेल होने पर घर जाकर सत्यापन होगा। आधार लिंक नहीं होने वालों की पहले केवाईसी होगी। मृत पाए जाने पर पोर्टल से नाम हटाकर भुगतान बंद कर दिया जाएगा।फर्जी भुगतान मिलने पर राशि वसूली की कार्रवाई की जाएगी। बताया गया कि सभी लंबित लाभुक समय पर जीवन प्रमाणीकरण करा लें, ताकि वास्तविक जरूरतमंदों को योजना का लाभ मिलता रहे।




