समस्तीपुर समेत 5 जिलों में ग्रामीण SP का पद सृजित, सरकारी कर्मचारियों का DA हुआ 60%, कैबिनेट मीटिंग में 19 एजेंडों पर मुहर

बिहार सरकार की कैबिनेट बैठक में मंगलवार को कई बड़े फैसलों पर मुहर लगी. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते यानी DA बढ़ाने का फैसला लिया गया. सातवां वेतनमान पाने वाले कर्मचारियों और पेंशनरों का DA 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया. यह फैसला 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगा. इसके साथ ही 19 एजेंडों पर मुहर लगाई गई.
कैबिनेट के फैसले के अनुसार, छठे वेतनमान वाले कर्मचारियों का DA 257 प्रतिशत से बढ़ाकर 262 प्रतिशत किया गया. वहीं पांचवें वेतनमान वाले कर्मियों और पेंशनरों का महंगाई भत्ता 474 प्रतिशत से बढ़ाकर 483 प्रतिशत कर दिया गया है. इस फैसले से राज्य के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को फायदा मिलेगा. बैठक में पांच संवेदनशील जिलों में नए ग्रामीण एसपी पद सृजित करने को भी मंजूरी दी गई. पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली और सिवान में ग्रामीण एसपी की नियुक्ति होगी. सरकार का मानना है कि इससे कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी.

उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने के लिए भी कई अहम फैसले लिए गए. वैशाली जिले में 400 एकड़ जमीन पर राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी संस्थान स्थापित करने की सैद्धांतिक मंजूरी दी गई. वहीं पटना के बिहटा में डेयरी प्लांट लगाने के लिए करीब 97 करोड़ रुपये के निजी निवेश को मंजूरी मिली है. इस परियोजना से लगभग 170 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना जताई गई है. उद्योग विभाग के प्रस्ताव पर ‘मुख्यमंत्री सूक्ष्म एवं लघु उद्योग क्लस्टर विकास योजना’ में संशोधन कर MSME विकास योजना को मंजूरी दी गई. BIADA क्षेत्रों में कॉमन फैसिलिटी सेंटर यानी CFC को भी बढ़ावा दिया जाएगा.

कैबिनेट ने किशनगंज में CISF ट्रेनिंग सेंटर के लिए 110.12 एकड़ जमीन केंद्रीय गृह मंत्रालय को मुफ्त हस्तांतरित करने की मंजूरी दी. इसके अलावा बिहार इलेक्ट्रिक वाहन संशोधन 2026 को भी स्वीकृति दी गई. उच्च शिक्षा को लेकर भी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. राज्य के महाविद्यालयों में 132 नए पदों के सृजन को मंजूरी मिली है. वहीं बिहार पर्यावरण अनुकूल परिवहन रोजगार योजना के गठन और इसके लिए 10 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी दी गई है. इसके अलावा VATMIS एप्लिकेशन के AMC नवीनीकरण के लिए 4.31 करोड़ रुपये की मंजूरी और वित्तीय वर्ष 2026-27 में 72 हजार करोड़ रुपये से अधिक ऋण उगाही की स्वीकृति भी कैबिनेट में दी गई.



