समस्तीपुर : शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त रखने के प्रशासनिक दावों के बीच डीएम आवास के मुख्य द्वार के पास ही अवैध रूप से संचालित हो रहा ऑटो और ई-रिक्शा स्टैंड व्यवस्था की पोल खोल रहा है। विडंबना यह है कि जहां से पूरे जिले की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक नियंत्रण की कमान संभाली जाती है, उसी स्थान के सामने यातायात नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सबसे आश्चर्यजनक पहलू यह है कि इस अवैध स्टैंड के ठीक पास ट्रैफिक पुलिस की नियमित मौजूदगी रहती है, लेकिन इसके बावजूद न तो ऑटो चालकों को वहां से हटाया जा रहा है और न ही जाम की समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस पहल दिखाई दे रही है।
डीएम आवास के मुख्य गेट के सामने प्रतिदिन एक साथ दर्जनों ऑटो और ई-रिक्शा के अलावे बस भी सड़क किनारे खड़ी रहती हैं। इन वाहनों के कारण सड़क की चौड़ाई काफी कम हो जाती है, जिससे इस व्यस्त मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है। नतीजतन दिनभर यहां जाम की स्थिति बनी रहती है और राहगीरों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, सरकारी कार्यालयों के कर्मचारी, मरीज, व्यवसायी तथा आम नागरिक गुजरते हैं। जाम के कारण उन्हें समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी होती है।
कई बार एम्बुलेंस और इमरजेंसी सेवाओं के वाहनों को भी धीमी गति से गुजरना पड़ता है। इस मुद्दे परस्थानीय लोगों का कहना है कि जाम की वजह से यहां दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बना रहता है। करीब दो सप्ताह पहले इसी स्थान पर जाम के कारण एक बाइक सवार युवक दुर्घटना का शिकार हो गया था। बताया जाता है कि जाम में फंसी एक पुलिस वाहन से बाइक की टक्कर हो गई थी, जिससे युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना के बाद महिला थानाध्यक्ष ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए घायल युवक को अपनी ही गाड़ी से अस्पताल पहुंचाया था, जहां उसका इलाज कराया गया। हालांकि इस घटना ने यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया कि यदि वहां जाम की स्थिति नहीं होती तो शायद यह दुर्घटना भी टल सकती थी। स्थानीय ललन यादव का कहना है कि यदि डीएम आवास जैसे अति संवेदनशील क्षेत्र के सामने ही इस प्रकार अवैध स्टैंड संचालित होता रहेगा तो शहर के अन्य हिस्सों में यातायात व्यवस्था सुधारने के दावे कितने प्रभावी होंगे, इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।
लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस स्थान से अविलंब अवैध ऑटो-टोटो स्टैंड को हटाया जाए, वाहनों के लिए स्टैंड में ही पार्किंग और यात्रियों को बैठाने का नियम बनाया जाए तथा ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाए, ताकि आम जनता को जाम और दुर्घटनाओं की समस्या से राहत मिल सके। शहरवासियों का मानना है कि यदि प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से लेकर ठोस कार्रवाई करे तो न केवल इस मार्ग पर यातायात सुचारु हो सकता है बल्कि शहर की समग्र यातायात व्यवस्था में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिल सकता है।
डीएम आवास के पास अवैध रूप से लगने वाले ऑटो और ई-रिक्शा स्टैंड की शिकायत मिली है। समय-समय पर वहां से वाहनों को हटाने की कार्रवाई की जाती है। जल्द ही अभियान चलाकर सड़क किनारे खड़े वाहनों को हटाया जाएगा और निर्धारित स्थान पर ही ऑटो-ई-रिक्शा लगाने का निर्देश दिया जाएगा। यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए सख्ती से नियमों का पालन कराया जा रहा है।
सुनीलकांत, ट्रैफिक थानाध्यक्ष, समस्तीपुर
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