समस्तीपुर : ताजपुर थाना क्षेत्र के हरपुर भिंडी चौर में दर्जीनिया पुल के पास बीते 8 फरवरी की दोपहर प्रोपर्टी डीलर गणेश सहनी की ताबड़तोड़ गोलियों की बौछार कर निर्मम हत्या मामले में पुलिसिया कारवाई सुस्त पड़ गयी है। घटना के बाद मृतक गणेश सहनी के भाई राम दिनेश सहनी के आवेदन पर राजू सहनी, फुलेंदर सहनी, अंकित कुमार, बिट्टू कुमार व विकास यादव को आरोपी बनाते हुए ताजपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी। इन नामजद आरोपियों में से अब तक सिर्फ एक अभियुक्त हलई थाना क्षेत्र के दादपुर वार्ड संख्या-8 के स्व. कामेश्वर सहनी के पुत्र अंकित कुमार को ही पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जबकि अन्य शूटर व साजिशकर्ता अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर है।
वहीं दूसरी ओर घटना के करीब एक हफ्ते बीत चुके है, बावजूद पुलिस अब तक हत्या में प्रयुक्त हथियार और मृतक का मोबाइल फोन तक बरामद नहीं कर सकी है। इससे मृतक के परिजनों के बीच असंतोष बढ़ता जा रहा है। दर्ज प्राथमिकी में मृतक के भाई ने बताया है कि उनके भाई गणेश सहनी की हत्या के दौरान बदमाश मृतक का मोबाइल फोन भी अपने साथ ले गए थे, ताकि साक्ष्य छुपाया जा सके। लेकिन अब तक पुलिस मोबाइल का सुराग तक नहीं ढूंढ पाई है। मोबाईल का सीडीआर निकाला जाए तो उससे यह पता चल सकेगा की मृतक किस-किस से बातचीत कर रहा था। बदमाशों द्वारा जानबूझकर प्रोपर्टी डीलर का मोबाईल गायब कर दिया गया। वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर पुलिस जांच आगे बढ़ाती है तो मोबाईल को बरामद किया जा सकता है।
इधर घटना की रात ही एसपी के नेतृत्व में पुलिस ने चार संदिग्धों को उठाया था, लेकिन सिर्फ एक नामजद आरोपी को पुलिस ने जेल भेजा। वहीं लोगों में चर्चा है की इस घटना में शामिल तीन अन्य अप्राथमिकी अभियुक्त को पुलिस ने तीन-चार दिनों तक मुसरीघरारी थाने में रखने के बाद उन तीनों को किसी सफेदपोश व खाखी के वरीय पदाधिकारियों के दबाव में आकर छोड़ दिया। हालांकि इस बात को बल इस लिये भी मिलता है क्योंकि हिरासत में लिये गये एक आरोपी का पुलिस के अधिकारियों व सफेदपोश के यहां अक्सर आना-जाना होता था। इस हत्याकांड मामले में ताजपुर थाने की पुलिसिया जांच पर परिजनों ने सवाल उठाया है।
इधर जिले में जमीन खरीद-बिक्री को लेकर लगातार बढ़ते विवाद और उससे जुड़ी आपराधिक घटनाएं भी चिंता का विषय बन गई हैं। बीते कुछ वर्षों में जमीन के लेन-देन को लेकर कई बार मारपीट, गोलीबारी और हत्या जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन इन पर प्रभावी लगाम नहीं लग पा रही है। परिजनों की मांग है कि इस मामले में विशेष जांच टीम गठित कर जल्द से जल्द हत्या में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए और घटना में प्रयुक्त हथियार व मोबाइल बरामद की जाए।
बदमाशों द्वारा लूटे गये प्रोपर्टी डीलर गणेश सहनी का मोबाइल बरामद होने के बाद कई राज खोल सकता है। इससे कई सफेदपोशों के भी संलिप्तता का राज मोबाइल खोल सकता है। मृतक के भाई राम दिनेश सहनी ने बताया की घटना के दो दिन पहले भी बदमाशों ने उसके भाई के हत्या की कोशिश करते हुए पीछा किया था, जिसका उसके भाई ने अपने मोबाइल में वीडियो भी बना लिया था। इसकी जानकारी उसने ताजपुर थाने को भी दी थी। बावजूद इसके पुलिस सक्रिय नहीं हुई। अगर ताजपुर थाने की पुलिस सक्रिय होती तो शायद इस हत्याकांड को रोका जा सकता था। पुलिस सूत्रों के अनुसार बदमाशों द्वारा हथियार खरीदने की भी सूचना गुप्त रूप से पुलिस को मिली थी। इधर बदमाशों को गणेश सहनी द्वारा अपने मोबाइल में वीडियों बना लेने की जानकारी थी, इसलिये हत्याकांड की घटना को अंजाम देने के बाद उसका मोबाइल लूट लिया गया था।
पिछले दिनों सदर एसडीपीओ-1 सह एएसपी संजय कुमार पांडेय ने प्रेस वार्ता के दौरान इस बात की चर्चा की थी की पैसे के लेन-देन के विवाद में गणेश सहनी के हत्या की साजिश रची गयी थी। बताया गया है कि ताजपुर-बख्तियारपुर फोरलेन के पास करीब तीन बीघा जमीन गणेश सहनी ने खरीदकर बेची थी, जिसमें उसका अच्छा मुनाफा हुआ था। गणेश सहनी का पूर्व पार्टनर फूलेंद्र सहनी व राजू सहनी के बीच इसी कमीशन को लेकर विवाद चल रहा था जो गहराता चला गया। गणेश सहनी से उसके पूर्व पार्टनर 25 लाख कमीशन की मांग कर रहे थे। जब मृतक गणेश सहनी ने कहा की काम उसने अकेले ही किया है तो वह किस बात का 25 लाख रुपया कमिशन दे। इस बीच अभियुक्तों को सूचना मिली की गणेश सहनी उसके हत्या की साजिश रच रहा हैह इसके बाद उन लोगों ने गणेश सहनी के ही हत्या की साजिश रचकर घटना को अंजाम दे दिया। एसडीपीओ ने बताया था की फूलेंद्र सहनी व राजू सहनी ने अंकित, राजीव और रणधीर के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया था। वहीं नामजद आरोपियों में फूलेंद्र सहनी, राजू सहनी, अंकित के अलावे बिट्टू कुमार व विकास यादव भी नामजद अभियुक्त है।
मिली जानकारी के अनुसार गणेश सहनी के हत्याकांड से दो-तीन पहले ही राजू सहनी व फूलेंद्र सहनी ने नया हथियार खरीदकर बदमाशों को उपलब्ध कराया गया था। क्षेत्र में हथियार खरीद-फरोख्त की जानकारी पुलिस को पहले से थी। घटना के बाद पुलिस को इससे जुड़ा एक वीडियो भी प्राप्त हुआ है, जिसपर पुलिस जांच में जुटी है। इसके अलावे पुलिस को अभियुक्त के मोबाईल से कुछ चैटिंग व अन्य फोटो भी प्राप्त हुए हैं, जिसपर जांच की जा रही है।
एसपी अरविंद प्रताप सिंह से मिली जानकारी के अनुसार गणेश सहनी हत्याकांड मामले में जल्द ही पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके अंकित कुमार को रिमांड पर लेगी। जहां उससे पूछताछ में कई और खुलासे हो सकते है। वहीं घटना में प्रयुक्त बाइक की भी जांच चल रही है। घटना को अंजाम देने से पहले पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी में कई लोग चिन्हित किये गये है, जो अभी फरार चल रहे हैं। उन सभी की गिरफ्तारी को लेकर स्थानीय थाने के अलावे डीआईयू की टीम छापेमारी में जुटी हुई है।
गणेश सहनी हत्याकांड मामले में एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। उसे फिर से जेल से रिमांड पर लाकर पूछताछ की जाएगी, जिससे और भी राज का खुलासा हो सकता है। मृतक के मोबाईल बरामदगी को लेकर छापेमारी चल रही है। जल्द ही अन्य अभियुक्तों की भी गिरफ्तारी की जाएगी।
अरविंद प्रताप सिंह, एसपी, समस्तीपुर
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