समस्तीपुर : समस्तीपुर जिले में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को मेगा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह अभ्यास डीएम रोशन कुशवाहा व एडीएम आपदा राजेश कुमार सिंह के नेतृत्व में जीरो कैजुअल्टी लक्ष्य को ध्यान में रखकर किया गया। मॉक ड्रिल राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित की गयी, जिसका उद्देश्य किसी भी संभावित आपदा की स्थिति में जिले की तत्परता, समन्वय और प्रतिक्रिया क्षमता का आकलन करना है।
डीएम रोशन कुशवाहा ने स्पष्ट किया कि यह मॉक ड्रिल केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि वास्तविक आपदा के समय त्वरित और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने की एक गंभीर पहल है। इसके माध्यम से स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, अग्निशमन, एसडीआरएफ सहित अन्य एजेंसियों के बीच तालमेल, रिस्पॉन्स टाइम में कमी और संचार तंत्र की प्रभावशीलता की जांच की गयी। सुबह 8 बजकर 30 मिनट पर सायरन बजाकर 8.0 तीव्रता के भूकंप का एक कृत्रिम परिदृश्य तैयार किया गया। इसके बाद सभी बचाव टीमें अपने-अपने मोर्चे पर तैनात हो गयी। जिले में 8 स्थानों पर लाइव बचाव अभियान चलाया गया।
भूकंप से हुए नुकसान व उससे बचाव के दृश्य को जीवंत रूप देने के लिए जिले में 8 स्थानों को चिन्हित किया गया था। इस क्रम में कलेक्ट्रेट में भूकंप के दौरान शार्ट सर्किट के कारण आग लग गया जिसपर अग्निशमन व एसडीआरएफ की टीम ने काबू पाया। बीआरबी कॉलेज में अग्निशमन टीम द्वारा भूंकप के पश्चात काॅलेज के छात्रावास में फंसे छात्रों को लैडर के माध्यम से रेस्क्यू किया गया। वहीं आफिसर आवास में भूकंप के कारण काफी जानमाल की क्षति हुई जिसमें एसडीआरएफ टीम द्वारा राहत बचाव कार्य किया गया।
वहीं शहर के मोहनपुर रोड स्थित वीनस वन माॅल में भूकंप के दौरान साफ-सफाई कर रहे मजदूर माॅल क्षतिग्रस्त होने पर फंस गये जिसका रेसक्यू किया गया। दलसिंहसराय में काली चौक आरओबी के पास ब्रिज क्षतिग्रस्त होने पर विद्युत सेवा बाधित हो गया जिसमें आरसीडी, आरडब्लूडी एवं विद्युत टीम द्वारा सड़क एवं विद्युत सेवा रिस्टोर किया गया। अनुमंडलीय अस्पताल पूसा परिसर में जिला का सबसे प्रमुख अस्पताल क्षतिग्रस्त हो गया। यहां से भी मरीजों का रेस्क्यू किया गया और लालकोठी स्थित रिलीफ सेंटर में भर्ती कराया गया। इसके अलावे शहर के पटेल मैदान में सभी 6 रिस्पांस टीम अपने सभी संसाधन के साथ आपदा रिस्पांस हेतु उपस्थित हो गये। यहां जरूरी सेवाएं यथा सड़क, विद्युत, संचार, पानी एवं नगर निकाय का मलवा निपटारा दल अपने टीम एवं आवश्यक उपकरण के साथ उपस्थित रहे।
इसके अलावे लाल कोठी में सिविल सर्जन डॉ. राजीव कुमार मेडिकल टीम के साथ रिलिफ कैंप में उपस्थित रहे, जहां सभी जख्मियों का समुचित इलाज किया गया। वहीं नाजुक स्थिति में दो मरीजों को बेहतर उपचार के लिए डीएमसीच रेफर किया गया। इस दौरान जख्मी मवेशियों का इलाज भी लाल कोठी स्थित रिलिफ कैंप में किया गया। आपदा के इस महाअभ्यास में एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, अग्निशमन सेवा, एनसीसी कैडेट्स, होमगार्ड, आपदा मित्र व जीविका दीदियां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभायी।
इधर सिमुलेशन साईट कलेक्ट्रेट, बीआरबी कॉलेज, आफिसर आवास, विनस वन माॅल, डैनी चौक – काली चौक आरओबी दलसिंहसराय, अनुमंडलीय अस्पताल पूसा, पटेल मैदान व लाल कोठी में सिमुलेशन इंचार्ज आफिसर के रूप में क्रमशः नजारत उप समाहर्ता, जिला शिक्षा पदाधिकारी, वरीय उप समाहर्ता समस्तीपुर, भूमि सुधार उप समाहर्ता दलसिंहसराय, सदर अस्पताल के डीएस, प्रभारी पदाधिकारी आप्रा व सिविल सर्जन तैनात रहे। डीएम ने बताया कि एसडीआरएफ और जिला आपदा विभाग की ओर से समय-समय पर इस तरह के मॉक ड्रिल कराए जाते हैं, ताकि आपदा आने की स्थिति में टीम में शामिल कोई भी पदाधिकारी या कर्मी घबराएं नहीं। वह लोगों को बचाव किस तरह से करें। उन्हें अस्पताल पहुंचावें। मॉक ड्रिल से कर्मियों को सचेत और काम के प्रति और सजग बनाया जाता है।
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