समस्तीपुर : पुलिस लाइन में लाखों रुपये की लागत से निर्मित श्वान दस्ता भवन तैयार कराया गया है। जिसका मकसद जिले में होने वाली आपराधिक वारदातों के बाद त्वरित जांच के लिए प्रशिक्षित श्वान को घटनास्थल पर भेजे जाने का था, लेकिन प्रशासनिक सुस्ती की वजह से अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस श्वास भवन में रहने के लिए प्रशिक्षित कुत्तों को नहीं लाया गया है।
लेटलतीफी की वजह से स्थानीय पुलिस को अनुसंधान में परेशानी का सामना करना पड़ता है। पुलिस लाइन में बन चुके श्वान भवन में कुत्ते व उनके प्रशिक्षक सहित पुलिस कर्मी के रहने के लिए कमरे की व्यवस्था है। इसके अलावा कर्मी व कुत्ते के भोजन के लिए कीचन व वाकिंग के लिए की भी सुविधा है। श्वान के लिए भवन में बाथरूम, सीढ़ी व रैंप भी बनाये गये हैं। लेकिन अब तक यहां श्वान नहीं आया है।
फॉरेंसिक एक्सपर्ट बताते हैं कि घटना स्थल पर बिखरे प्रोपर्टी व रक्त के नमूने कुछ घंटों के बाद साक्ष्य के मामले में कमजोर पड़ने लगते हैं। ऐसे में डॉग स्कवाड का शीघ्र पहुंचना फायदेमंद होता है, जबकि स्थानीय थानों में हत्या, डकैती व चोरी की वारदात के बाद डॉग स्क्वायड को बुलाया जा चुका है। ज्ञात हो कि मुजफ्फरपुर, पटना या दरभंगा से समस्तीपुर पहुंचने वाली श्वान कई बार स्थानीय पुलिस को जांच में सहयोग करती है। इसके अलावा महत्वपूर्ण लोगों के कार्यक्रम से पूर्व भी श्वान दस्ता की मदद सुरक्षा के ख्याल से ली जाती रही है।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस लाइन में श्वान दस्ता के लिए बने मकान को श्वान नहीं रहने के कारण स्वाभिमान बटालियन जवानों के जिम्मे डाल दिया गया है। जिसमें स्वाभिमान बटालियन के जवान रहते हैं।
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