समस्तीपुर : जिले में महिला थाना एवं एससी-एसटी थाना के लिए भवन निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू होने जा रही है। पुलिस मुख्यालय की ओर से इसके लिए कुल 6 करोड़ 86 लाख 74 हजार 900 रुपये की राशि आवंटित कर दी गई है। राशि मिलते ही विभाग ने भवन निर्माण से जुड़ी औपचारिक तैयारियां तेज कर दी हैं। जल्द ही भवन के निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम की होगी। यह भवन डीआरएम भवन के पास स्थित काली मंदिर के पीछे पुराने एससी-एसटी थाना भवन के पास बनेगा।
पुराने भवन को तोड़कर उसके अवशेष के नीलामी की प्रक्रिया पहले ही हो चुकी है। प्रस्तावित योजना के अनुसार महिला थाना और एससी-एसटी थाना को एक ही परिसर में संचालित किया जाएगा। इससे दोनों थानों के कार्यों में समन्वय बढ़ेगा और पीड़ितों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। फिलहाल जिले में महिला थाना और एससी-एसटी थाना के पास अपना अलग भवन नहीं है। वहीं दोनों थाने के पास अपना हाजत तक नहीं है। इसके कारण किसी मामले में अभियुक्त को पकड़ने के बाद उसे नगर या मुफ्फसिल थाना के हाजत में बंद करना पड़ता है।
बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम से मिली जानकारी के अनुसार प्रस्तावित भवन का निर्माण जी+3 स्ट्रक्चर में किया जाएगा। यानी भूतल के साथ तीन मंजिला आधुनिक भवन होगा, जिसमें थाना कार्यालय, पूछताछ कक्ष, महिला एवं पीड़ित-अनुकूल काउंसलिंग रूम, अभिलेखागार, अधिकारियों के कक्ष समेत अन्य आवश्यक सुविधाएं शामिल होंगी। भवन को आधुनिक मानकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा ताकि पुलिसकर्मियों के साथ-साथ फरियादियों को भी सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल मिल सके। भवन में एक तरफ महिला थाना तो दूसरी तरफ एससी-एसटी थाना का कार्य संचालित होगा।
भवन के सामने सुंदर और सुव्यवस्थित बगीचे का भी निर्माण प्रस्तावित है, जिससे परिसर का वातावरण सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक बने। खासकर महिला फरियादियों और पीड़ितों के लिए यह वातावरण मानसिक रूप से राहत देने वाला साबित होगा। इस संबंध में एसपी अरविंद प्रताप सिंह का कहना है कि राशि आवंटन के बाद अब निर्माण कार्य शुरू होने के बाद तय समय सीमा में भवन को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। नए भवन के बन जाने से जिले में महिला अपराध, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, छेड़खानी, अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार से जुड़े मामलों की जांच, उसके अभिलेखों की सुरक्षा, हाजत, आगंतुकों के बैठने और सुनवाई की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और संवेदनशील ढंग से हो सकेगी।
वर्ष 2025 के जनवरी महीने में एससी-एसटी थाना के जर्जर भवन की नीलामी के बाद ध्वस्त कर मलवा को हटा दिया गया था। नीलामी सरकारी न्यूनतम मुल्य 63 हजार 500 रूपये रखी गई थी। नीलामी में सबसे अधिक बोली मुजफ्फरपुर के मनियारी थाना क्षेत्र के चैनपुर बंगरा निवासी मो. अम्मानुलाह ने लगायी थी। उन्होंने कुल 66 हजार 300 की बोली लगाकर इसे अपने नाम किया था और भवन का एक-एक सामान ध्वस्त कर ले गये थे। करीब एक वर्ष से अधिक बीत चुके है लेकिन तब से अब तक यह थाना आंगतुक कक्ष के एक छोटे से कमरे में ही चल रही है। कमरा इतना छोटा है की कुर्सी टेबल से ही जगह भर जा रहा है। फाइलों को रखने के लिये आगंतुक कक्ष के बगल में एक कच्चा मकान बनाकर उसमें रख दी गयी है। यहां आने वाले फरियादियों के बैठने तक की समूचित व्यवस्था नहीं है। एक वर्ष पूरे होने के बावजूद अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका था। राशि उपलब्ध होने के बाद इसके निर्माण कार्य को शुरू किये जाने की उम्मीद जगी है।
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