आज लालू यादव एंड फैमिली के लिए काफी अहम दिन है। देश के चर्चित जमीन के बदले नौकरी घोटाला में आरोपी लालू यादव और उनके परिवार के सदस्य कोर्ट में पेश हो सकते हैं। दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में इस मामले में सुनवाई होनी है। जानकारी के मुताबिक, कोर्ट में सभी आरोपियों पर औपचारिक रूप से आरोप तय किए जा सकते हैं।
इससे पहले राउज एवेन्यू कोर्ट ने इसी महीने सीबीआई की चार्जशीट पर लालू, तेजस्वी यादव, राबड़ी देवी, तेजप्रताप यादव, हेमा यादव और मीसा भारती समेत 46 लोगों के खिलाफ आरोप तय किए थे। इसी के साथ अदालत ने केस से जुड़े 52 आरोपियों को बरी भी कर दिया था।
विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने कहा था कि लालू यादव ने रेल मंत्रालय को अपनी निजी जागीर की तरह इस्तेमाल किया ताकि वह एक आपराधिक गतिविधि को अंजाम दे सकें। उन्होंने कहा कि इसमें सरकारी नौकरी को सौदेबाजी के हथियार के रूप में इस्तेमाल करके यादव परिवार ने रेलवे अधिकारियों और अपने करीबी सहयोगियों की मिलीभगत से जमीन हासिल की।
जमीन के बदले नौकरी घोटाला केस क्या है
बता दें कि लैंड फॉर जॉब केस लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री के तौर पर कार्यकाल (2004 से 2009) के दौरान मध्यप्रदेश के जबलपुर स्थित भारतीय रेलवे के पश्चिम-मध्य जोन में की गई ग्रुप-डी नियुक्तियों से संबंधित है। अधिकारियों के मुताबिक, ये नियुक्तियां आवेदकों द्वारा राजद सुप्रीमो के परिवार के सदस्यों या सहयोगियों को उपहार में दी गई या हस्तांतरित की गई जमीनों के बदले की गई थीं।
जांच एजेंसी ने कथित घोटाले के सिलसिले में लालू यादव, उनकी पत्नी एवं बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, उनके बेटे तेजस्वी यादव और अन्य के खिलाफ आरोप-पत्र दायर किया था। सीबीआई ने यह भी दावा किया कि ये नियुक्तियां नियमों का उल्लंघन करके की गईं और इन लेन-देन में बेनामी संपत्तियां शामिल थीं, जो आपराधिक कदाचार और साजिश के समकक्ष है। आरोपियों ने आरोपों से इनकार किया और दावा किया है कि यह मामला राजनीतिक रूप से प्रेरित है।
समस्तीपुर : बिहार सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए बिहार प्रशासनिक सेवा…
समस्तीपुर : बिहार सरकार ने बिहार पुलिस सेवा के डीएसपी स्तर के 27 पुलिस अधिकारियों…
समस्तीपुर : ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। अब रक्त की…
समस्तीपुर : मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बहादुरपुर मोहल्ले में शनिवार को पुलिस ने जस्सी हत्याकांड…
समस्तीपुर : किसानों को अब खाद खरीदने के लिए दुकानों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।…
बिहार में एनडीए के घटक दलों के बीच अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के आरक्षण…