NDA में सीट शेयरिंग से पहले मचा घमासान, मांझी की पार्टी ने मोरवा से JDU के पूर्व विधायक पर लगाये भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप

समस्तीपुर : NDA के बीच सीट शेयरिंग का ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन इससे पहले जीतनराम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के नेता बीके सिंह ने समस्तीपुर जिले के मोरवा विधानसभा सीट से नामांकन की घोषणा कर दी है। बीके सिंह ने बताया कि 13 अक्टूबर को मैं मोरवा विधानसभा से बतौर NDA प्रत्याशी के रूप में नाॅमिनेशन करूंगा, इसके लिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष मांझी से मुझे अनुमति मिल चुकी है।
इसके साथ ही उन्होंने जदयू के पूर्व विधायक विद्यासागर निषाद पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने आय से अधिक संपत्ति का मामला भी उठाया है। बुधवार को पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने यहां से जदयू के पूर्व विधायक रहे विद्यासागर निषाद के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में कई कागजात भी पेश किए।

उन्होंने कहा कि विद्यासागर निषाद ने साल 2015 में चुनाव आयोग के सामने जो हलफनामा दायर किया था, उसमें अपनी संपत्ति 4 लाख रुपए नगद बताई थी, लेकिन पांच साल बाद यानी 2020 में जब उन्होंने चुनाव के दौरान हलफनामा दायर किया, उसमें उनके बैंक अकाउंट में करीब 68 लाख के अलावा 70 से अधिक जमीन की रजिस्ट्री दिखाई गई थी।

बीके सिंह ने कहा कि पूर्व विधायक की संपत्ति 50 करोड़ से अधिक की हो गई है, आखिर उनके पास इतना पैसा कहां से आया। बीके सिंह ने दावा किया कि विद्यासागर के भ्रष्टाचार के कारण ही पिछली बार के विधानसभा चुनाव में मोरवा की जनता ने उन्हें चुनाव हराया था। हम पार्टी के नेता ने ये भी कहा कि इस बार जदयू विद्यासागर को टिकट नहीं दे रही है, इसलिए मैं मोरवा विधानसभा सीट से NDA प्रत्याशी के रूप में चुनावी मैदान में उतरूंगा। उन्होंने कहा कि मैंने पूर्व विधायक के काले कारनामों की जानकारी और सभी कागजात जांच एजेंसियों को भेज चुका हूं और इसकी एक कॉपी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी भेजी है।






