Samastipur

समस्तीपुर जिले के चयनित 27 पीएम श्री विद्यालय की आधारभूत संरचनाओं में किया जायेगा सुधार

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समस्तीपुर : जिला में चयनित 27 पीएम श्री विद्यालय में जिला शिक्षा विभाग द्वारा मध्य विद्यालय को टैग करने के बाद जो तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हुई थी उसके बाद से अभी भी संशय की स्थिति कायम है. विदित हो कि कुछेक मध्य विद्यालय को टैग किए जाने के बाद जिला शिक्षा विभाग को काफी फजीहत झेलनी पड़ी थी और आपत्तियों के निराकरण के लिए बीईओ को पत्र प्रेषित किया गया था. यह पत्राचार डीपीओ एसएसए ने सभी बीईओ से किया था.

पत्राचार के पंद्रह दिन बाद भी बीईओ द्वारा दिए गए मंतव्य के आलोक में जिला शिक्षा विभाग अभी तक किसी निर्णय पर नहीं पहुंच सका है. जिला शिक्षा विभाग के अधिकारी इस पर खुलकर बोलने से परहेज कर रहे है. हालांकि जिला शिक्षा विभाग द्वारा हुयी गलतियों पर अभिभावक, शिक्षा समिति, जनप्रतिनिधि के साथ-साथ बच्चें भी काफी आक्रोशित हैं. जानकारों की माने तो जिला शिक्षा विभाग दर्ज आपत्तियों का हवाला देते हुए मुख्यालय से मार्गदर्शन लेना चाहते है. फिलहाल मामला मार्गदर्शन के पेंच में फंस गया है.

एमडीएम संचालन के लिए खाता खोलने का निर्देश :

इधर प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया (पीएमश्री) के रूप में चयनित इंटर स्कूलों में इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार किया जायेगा. जिले में दो दर्जन से अधिक भर स्कूलों को पीएम श्री स्कूल के रूप में चयनित किया गया है. पीएम श्री स्कूलों के आधारभूत संरचना में बदलाव किया जायेगा. ताकि बच्चों को इन स्कूलों में बेहतर शिक्षा उपलब्ध हो सके. इन स्कूलों में छठी से बारहवीं तक की पढ़ाई होगी. नई व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2025-26 से लागू होगी.

इसे एक ही शैक्षणिक और प्रशासनिक इकाई माना जायेगा. फिलहाल, इन विद्यालयों में नौवीं से 12वीं तक की पढ़ाई हो रही है. शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि चयनित विद्यालयों के नजदीकी मिडिल स्कूलों के कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों और शिक्षकों का विलय किया जायेगा. विलय किए गए मिडिल स्कूलों में अगर निर्धारित वेतनमान वाले प्रधानाध्यापक कार्यरत हैं तो उनका तबादला किसी दूसरी जगह किया जायेगा. साथ ही, उस विद्यालय के प्रधानाध्यापक का पद प्रत्यावर्तित करने का प्रस्ताव जिला स्तर से शिक्षा विभाग को भेजा जायेगा.

संबंधित मध्य विद्यालय के कक्षा एक से पांच तक के विद्यार्थी उसी विद्यालय में रहेंगे तथा उसे अलग प्राथमिक विद्यालय के रूप में चलाया जायेगा. बाद में इन विद्यालयों के लिए प्रधानाध्यापकों के पद सृजित किया जायेगा. विभाग ने बताया कि कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों को उनके शिक्षक ही पढ़ायेंगे. यदि इन कक्षाओं के लिए शिक्षकों की कमी होगी तो कक्षा 9, 10 तथा 11-12 के शिक्षक भी इन बच्चों को पढ़ाएंगे. इससे इतर डीपीओ एमडीएम ने भी इन विद्यालयों के एचएम को पत्र भेजकर एमडीएम संचालन के लिए खाता खोलने का निर्देश दिया है ताकि पीएफएमएस पर मैपिंग करायी जा सके.

Avinash Roy

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