समस्तीपुर/दलसिंहसराय :- एफआरयु का दर्जा प्राप्त दलसिंहसराय अनुमंडलीय अस्पताल चिकित्सकों के अभाव का दंश झेल रहा है। इसका खामियाजा क्षेत्र के मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। वहीं अस्पताल के आस-पास वैध-अवैध रूप से संचालित निजी अस्पताल के संचालकों की चांदी है। बताया गया है कि वर्तमान में अनुमंडल अस्पताल में प्रभारी डीएस समेत महज 6 चिकत्सक कार्यरत हैं। जिसमे दो सर्जन तथा एक महिला चिकित्सक हैं।
अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट नहीं रहने से अल्ट्रासाउंड जांच ठप है। वहीं नेत्र रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग, बच्चा रोग एवं स्त्री व प्रसूति रोग चिकित्सक नहीं हैं। इसी प्रकार अस्पताल में नर्स के 70 पद सृजित हैं, लेकिन कार्यरत नर्सों की संख्या महज 22 है। चिकित्सकों एवं नर्स के साथ ही चतुर्थ वर्गीय कर्मियों के खाली पड़े पदों का मरीजों के इलाज पर असर पर रहा है।
ओपीडी में बड़ी संख्या में इलाज को आये मरीजों की चिकित्सा के लिये एक या दो चिकित्सक ही उपलब्ध रहते हैं। सड़क हादसे या मारपीट में घायल मरीजों को टांका लगाने में चतुर्थ वर्गीय एक कर्मी को सक्रिय देखा जाता है। अंतत: प्राथमिक उपचार के बाद हादसे या मारपीट में जख्मी मरीजों को यहां से सदर अस्पताल या बाहर के अन्य दूसरे अस्पतालों में रेफर कर दिया जाता है।
बहरहाल सरकार व विभाग की ओर से घोषित एवं अस्पताल में उप्लब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का अस्पताल तक आये मरीजों को पूरा पूरा लाभ नहीं मिल पाता है। इस संबंध में प्रभारी डीएस डॉ. आर सी सिंह ने बताया कि डॉक्टर की अस्पताल में कमी है। तीन डॉक्टर मिला है। डॉक्टर बढ़ेंगे तब स्वास्थ्य सेवायें भी बढ़ जायेगी।
समस्तीपुर : सदर अस्पताल में मरीजों को इलाज के दौरान परेशानी नहीं हो, इसके लिए…
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