Samastipur

हाईकोर्ट से BPSC रिजल्ट पर रोक नहीं लेकिन भविष्य फैसले पर निर्भर, 31 जनवरी को अगली सुनवाई

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बीपीएससी 70वीं पीटी के रिजल्ट पर रोक लगाने से हाईकोर्ट ने इनकार कर दिया है। गड़बड़ी की शिकायत को लेकर अभ्यर्थियों की ओर से दायर अर्जी पर गुरुवार को न्यायमूर्ति अरविंद सिंह चंदेल की एकलपीठ ने सुनवाई की। आवेदकों की ओर से वरीय अधिवक्ता यदुवंश गिरि ने बहस करते हुए कहा कि आयोग ने 13 दिसंबर और 4 जनवरी को पीटी लिया, लेकिन परीक्षा के लिए आयोग की ओर से जारी एसओपी का पालन कई केंद्रों पर नहीं किया गया।

बहस के दौरान कहा गया कि अभ्यर्थी घड़ी, मोबाइल लेकर परीक्षा दे रहे थे। बारह बजे से दो बजे तक होने वाली परीक्षा में छात्रों को पौने एक बजे तक प्रश्नपत्र नहीं दिया गया। जबकि उसी सेंटर पर दूसरे छात्रों को समय से प्रश्नपत्र दे दिया गया था। एक बज कर 6 मिनट पर प्रश्नपत्र एक्स और व्हाट्सएप पर चलने लगा। कई केंद्र पर जैमर नहीं लगा था। यही नहीं परीक्षा के एक दिन पहले सेंटर को बदल दिया गया। सबसे ज्यादा गड़बड़ी बाबू परीक्षा परिसर में हुई।

उन्होंने आयोग की ओर से 4 जनवरी को हुई परीक्षा की उत्तर कुंजी का हवाला देते हुए कहा कि 3 प्रश्नों को हटा दिया गया है। वहीं 13 दिसंबर को हुई परीक्षा के दो प्रश्न को 4 जनवरी की परीक्षा में फिर से पूछा गया है। 4 जनवरी की परीक्षा के जे सीरीज के प्रश्नपत्र में एक प्रश्न गलत है और छात्रों की आपत्ति पर आयोग ने उस प्रश्न को हटा दिया है। इसका फायदा 4 जनवरी के परीक्षार्थियों को होगा।

इन सभी दलीलों को गलत बताते हुए आयोग की ओर से वरीय अधिवक्ता ललित किशोर और अधिवक्ता संजय पांडेय ने बताया कि बाबू परीक्षा परिषद के कुछ छात्रों ने करीब एक बज कर 5 मिनट के आसपास हो हल्ला मचा प्रश्नपत्र को सेंटर के बाहर फेंक दिये। इसे वयरल किया गया। आयोग ने इस सेंटर की परीक्षा रद्द कर फिर से 4 जनवरी को परीक्षा ली। इस केस के आवेदक संख्या दो का सेंटर बाबू परीक्षा परिषद में था और ये 4 जनवरी को हुई परीक्षा में भी शामिल हुये। कोई भी आवेदक का इस परीक्षा केंद्र पर सेंटर नहीं था। अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि परीक्षा को लेकर कोई भी अभ्यर्थी आपत्ति और गड़बड़ी की शिकायत आयोग से नहीं की हैं।

राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता पीके शाही ने कोर्ट को बताया कि परीक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट में केस दायर किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट में केस दायर करने का निर्देश दिया। हाई कोर्ट में लोकहित याचिका के रूप में केस दायर किया गया है। कोर्ट ने अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए आयोग को अर्जी में उठाये गए हर सवाल का जबाब 30 जनवरी तक देने का आदेश दिया। अब सुनवाई 31 जनवरी को होगी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आयोग यदि पीटी का रिजल्ट जारी करता है तो रिजल्ट इस केस के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगा।

Avinash Roy

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