Samastipur

समस्तीपुर में BPSC शिक्षक बहाली मामले में एक और खुलासा; फिर 8 अन्य फर्जी शिक्षकों की सूची Samastipur Town के पास पहुंची

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समस्तीपुर : बीपीएससी टीआरई-1 में शिक्षक बहाली में हुए फर्जीवाड़े का Samastipur Town Media ने सबसे पहले खुलासा किया। जैसे-जैसे Samastipur Town Media की टीम इसके तह में घुसने की कोशिश कर रही है वैसे-वैसे चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। Samastipur Town Media की पड़ताल में एक और सनसनी खेज मामला सामने आया है। फर्जी शिक्षिका रंजना कुमारी के अलावा विभूतिपुर के अलग-अलग विद्यालयों में 8 शिक्षकों को फर्जी तरीके से जवाइन करवा दिया गया है।

इतना ही नहीं स्कूल के प्रिंसिपल के फर्जी शिक्षकों के वेतन भुगतान के लिए गलत रौल नम्बर डाल कर एब्सेंटी भी भेज दिया। इन चीजों को देखकर तो लगता है कि इस फर्जीवड़े में शिक्षा विभाग के अधिकारियों व माफियाओं के गिरोह ने मिलकर करोड़ों रुपये का खेल-बेल किया है।

फर्जी शिक्षकों की सूची में विभूतिपुर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय आलमपुर मुसहरी की ममता कुमारी, प्राथमिक विद्यालय नवटोलिया वार्ड संख्या-11 में सुधांशु कुमार व शिल्पी कुमारी, मध्य विद्यालय समर्था में अमरजीत कुमार व पंकज कुमार साहू, प्राथमिक विद्यालय संगराहा खैराज में पिंकी कुमारी व अभिषेक कुमार साहा, प्राथमिक विद्यालय कल्याणपुर बिशनपुर सिसबन्नी की इंदु कुमारी शामिल हैं। इन सभी शिक्षकों का रौल नंबर बीपीएससी द्वारा जारी रिजल्ट सूची में है ही नहीं। इन सभी को फर्जी तरीके से ज्वाइन करवा दिया गया है। यहां तक की बायोमेट्रिक जांच के दौरान भी बड़े स्तर पर खेल रचे जाने की बात सामनें आ रही है। फर्जी शिक्षकों की सूची और भी बढ़ सकती है। जैसे-जैसे Samastipur Town को साक्ष्य मिल रहे हैं वैसे-वैसे बड़े-बड़े मामले निकलकर सामने आ रहे हैं।

यहां देखें फर्जी बीपीएससी शिक्षक की लिस्ट :

प्रधानाध्यापक के द्वारा अब्सेंटी भी भेजा रहा है फर्जी शिक्षकों का :

Samastipur Town की खबर पर डीएम ने लिया संज्ञान :

विभूतिपुर में फर्जी बीपीएससी शिक्षक ज्वाइनिंग मामले को लेकर डीएम योगेंद्र सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया जांच में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी एवं प्रधानाध्यापक दोषी पाए गए हैं। उनसे 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण की मांग की गई है। स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं होने पर उनके विरुद्ध आवश्यक विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।

सिस्टम से Samastipur Town का सवाल :
  • सवाल उठता है कि शिक्षा विभाग को इस फर्जीवड़े कि भनक पहले क्यों नही लगी ?
  • अगर अधिकारियों को पूर्व से जानकारी थी तो दोषी के खिलाफ एक्शन क्यों नही लिया गया ?
  • क्या शिक्षा विभाग इस फर्जीवाड़े में शामिल माफियाओं पर कारवाई करेंगी या फिर जांच में ही मामले कि लीपा पोती कर दी जाएगी ?
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी बन रहे अंजान :

Avinash Roy

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