समस्तीपुर/उजियारपुर :- उजियारपुर प्रखंड विकास पदाधिकारी पर धोखाधड़ी कर लाखों रुपये गबन करने का आरोप लगाया जा रहा है। इस मामले की शिकायत जिलाधिकारी से लेकर ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव एवं सरकार के मुख्य सचिव तक की गई है। उजियारपुर प्रखंड के संवेदक प्रदीप कुमार ने इसकी शिकायत की है। इतना ही नहीं पीड़ित संवेदक ने उक्त बीडीओ के तबादला होने तक न्याय नहीं मिलने पर आत्महत्या कर लेने की भी धमकी दी है। संवेदक ने कहा है कि बीडीओ के तबादले पर होने वाले विदाई समारोह के दिन मैं आत्महत्या कर लूंगा।
संवेदक ने शिकायत में कहा है कि उसने तीन साल पूर्व उजियारपुर प्रखंड के 10 पंचायतों क्रमशः पतैली पूर्वी, पतैली पश्चिमी, रामचंद्रपुर अँधेल, मालती, लखनीपुर महेशपट्टी, बेलारी, चैता उत्तर, चंदचौर मध्य, परोरिया एवं नजीरपुर पंचायत में 20 स्थलों पर सामुदायिक शौचालय का निर्माण कार्य कराया था। जिसका अग्रिम भुगतान 90 हजार प्रति यूनिट किया भी गया। जिसके बाद निर्माण कार्य भी पूरा हो चुका है। जिसका मास्टर रोल, बिल, मापी पुस्तिका आदि भी सौंपी जा चुकी है। लेकिन स्थानीय बीडीओ के द्वारा इसका भुगतान नहीं किया जा रहा है। जिसको लेकर वह लोक शिकायत में गया।
लोक शिकायत के द्वितीय अपील अन्नय संख्या 999880117032398582/2A में जब प्रधान सचिव के द्वारा बीडीओ से सारे कार्य का एमबी मांगा गया। इसके बाद बीडीओ और जिला संयोजक ने साजिश के तहत उसके साथ धोखाधड़ी किया। जिसे वह उस समय समझ नहीं पाया।
संवेदक प्रदीप ने प्रखण्ड विकास पदाधिकारी एवं जिला संयोजक (एल.एस.बी.ए.) के द्वारा रूपया गबन करने का आरोप लगाते हुए लिखा है कि बीडीओ ने उस समय कहा था कि मामला केस में है। इसलिए रूपया किसी सरकारी एजेंसी के नाम से ही भुगतान होगा। वे चेक काटकर और सरकारी एजेंसी से रूपया निकलवाकर दे देंगे। इसके लिए पहले उन्होंने ये लिखवा लिया कि मेरी समस्या का समाधान हो गया है।
वे तीन वर्ष से इस समस्या से जुझ रहे थे। इसलिए रूपया मिलने की उम्मीद में उन्होंने 08 मार्च 2024 को समस्या का समाधान हो जाने की बात लिख कर दे दी। लेकिन उसके बाद से आरोपी किसी-किसी बहाने से मामले को उलझाते आ रहे हैं। इधर रुपया निकासी हो जाने की आशंका और उक्त बीडीओ के तबादला होने की सूचना से उनका लाखों रुपया डूबता हुआ नजर आ रहा है। जिससे डरकर संवेदक ने जिलाधिकारी से लेकर ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव एवं सरकार के मुख्य सचिव तक इसकी शिकायत की है।
इतना ही नहीं पीड़ित संवेदक ने उक्त बीडीओ के तबादला होने तक न्याय नहीं मिलने पर आत्महत्या कर लेने की धमकी भी दी है। संवेदक ने कहा है कि बीडीओ के तबादले पर होने वाले विदाई समारोह के दिन वह आत्महत्या कर लेगा। उधर, उजियारपुर बीडीओ भृगुनाथ सिंह ने इस मामले को लेकर बताया कि यह मामला उनके कार्यकाल से पूर्व का है। उस संवेदक का कोई भुगतान बकाया नहीं है। उसे 1 लाख 60 हजार अधिक भुगतान किया जा चुका है।
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