समस्तीपुर :- अपराधिक मामलों में अनुसंधान की उत्कृष्ट भूमिका निभाने वाले बिहार के 86 पुलिस कर्मियों को वर्ष 2020 से लेकर वर्ष 2023 तक राष्ट्रपति व केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा पुरस्कृत करने के लिए चयनित किया गया था। इसको लेकर मंगलवार 27 फरवरी को बिहार पुलिस दिवस के अवसर पर सरदार पटेल भवन सभागार में पुलिस पदक वितरण समारोह का आयोजन किया गया है। इसमें समस्तीपुर के पुलिस अधीक्षक आइपीएस विनय तिवारी भी शामिल है।
उन्हे वर्ष 2022 के लिए ‘जांच में उत्कृष्टता के लिए केंद्रीय गृह मंत्री के पदक’ (Union Home Minister’s Medal for Excellence in Investigation) के लिए चुना गया था। इसको लेकर बिहार पुलिस उप-महानिरीक्षक (प्रशासन) के द्वारा सभी पदाधिकारियों को शीतकालीन वर्दी में उपस्थित रहने का निर्देश जारी किया गया है। बता दें कि हर वर्ष भारत सरकार की ओर से अपराध मामलों के बेहतर अनुसंधान करने वाले देश के सभी राज्यों के पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को पुरस्कृत किया जाता है।
दरअसल, पटना में जनवरी 2021 में इंडिगो एयरलाइन्स के स्टेशन मैनेजर रूपेश सिंह की हत्या हुई थी। इस मामले की जांच तत्कालीन पटना सीटी एसपी विनय तिवारी के नेतृत्व में हुई थी। विनय तिवारी ने पूरे मामले का उद्भेदन किया और रुपेश की हत्या की गुत्थी सुलझाई। इसी मामले में उत्कृष्ट अनुसंधान के लिए विनय को पुरस्कृत किया गया है।
उक्त हत्याकांड के जांच में पता चला था कि दिसम्बर 2020 में एक रोडरेज के मामले में रुपेश का कुछ लोगों से झगड़ा हुआ था। इसमें उनकी हाथापाई भी हुई थी। इसी को लेकर उनकी हत्या की गई थी। इस हाई प्रोफाइल मर्डर के बाद पटना में पुलिस के लिए इसकी गुत्थी सुलझाना बेहद पेचीदा हो गया था। हालांकि तत्कालीन पटना सिटी एसपी विनय तिवारी के नेतृत्व में पुलिस ने पुरे मामले की पड़ताल की और हत्या के कारणों का खुलासा किया। पुलिस ने इस मामले में ऋतुराज नामक युवक को गिरफ्तार किया था जिससे रुपेश का रोड रेज हुआ था। बाद में इसी मामले में सौरभ को दिल्ली से गिरफ्तार किया था।
समस्तीपुर के एसपी विनय तिवारी मूल रूप से उत्तर प्रदेश से हैं। वह साल 2015 बैच के IPS अधिकारी हैं। वह न केवल अपनी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए बल्कि रचनात्मक गतिविधियों के लिए भी जाने जाते हैं। उत्तर प्रदेश के ललितपुर में जन्मे विनय तिवारी के पिता एक किसान हैं। इंजीनियरिंग में रुचि रखने वाले विनय तिवारी स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद राजस्थान के कोटा चले गए। जिसके बाद प्रतिष्ठित IIT-BHU में दाखिला पाने में सफल रहे। वहां से उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की। अपनी ग्रेजुएशन स्तर की पढ़ाई के दौरान, उन्होंने यूपीएससी परीक्षा देने का फैसला किया। फिर यूपीएससी की तैयारी के लिए वह दिल्ली चले गए। इसके बाद वह 2015 बैच के आईपीएस बने।
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