Samastipur

समस्तीपुर जिले में बनाये जाएंगे करीब 100 चेकडैम, विभाग की ओर से जल्द ही शुरू की जाएगी प्रक्रिया

तस्वीर : सांकेतिक (सोर्स गूगल)

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समस्तीपुर :- जिले में मनरेगा योजना से करीब 100 चेक डैम बनाये जाएंगे। इसके लिए विभाग की ओर से जल्द ही प्रक्रिया शुरू की जाएगी। प्रत्येक प्रखंड में कम से कम पांच-पांच चेकडैम का नर्मिाण होगा जिससे बड़ी संख्या में किसान लाभान्वित होंगे। जिले में 182940 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि है। इसमें 141472 हजार हेक्टेयर सिंचित भूमि है। वही शेष असिंचित भूमि में पैदावार सही से नही होती है।

सरकारी नलकूप की संख्या 255 है। इस कारण से रवि व खरीफ दोनों फसल में किसानों को सिचाई के लिए परेशान होना पड़ता है। प्रत्येक चेकडैम नर्मिाण पर पांच से सात लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। मनरेगा के तहत कम राशि में योजनाओं को साकार करने की तैयारी है। चेकडैम 15-20 मीटर की चौड़ाई तक बनायी जाएंगी। ये सभी चेकडैम सिंचाई नश्चिय योजना के तहत चयनित होंगे। जिले में सिंचाई व्यवस्था को और दुरूस्त करने के लिए चेकडैम नर्मिाण कराने की योजना तैयार की गई है।

सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों को वैसे क्षेत्रों को चन्हिति करने को कब गया है जहां सिंचाई की सुविधा नहीं है। असिंचित क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर कार्य योजना तैयार होगी। मनरेगा में कम से कम राशि खर्च कर चेकडैम का नर्मिाण किये जाएंगे। प्रत्येक चेकडैम से करीब 12 से 14 एकड़ भूमि को सिंचित किया जाएगा। बताया कि जिस क्षेत्र में बारिश के पानी की बर्बादी होती है, उसी क्षेत्र में चेकडैम नर्मिाण कराये जाएंगे।

चेकडैम निर्माण होने से पानी की बर्बादी नहीं होगी। उसे स्टोर कर रबी व खरीफ फसलों को उपजाया जाएगा। वहीं मवेशियों व जानवरों को पीने के पानी के लिए भटकना नहीं होगा। गर्मी में भी जलस्तर बना रहेगा। योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाएगा। इस पर अमल करने के लिए कार्य योजना तैयार की जा रही है। जल्द ही योजना पर काम शुरू किया जाएगा।

तटबंधों को मजबूत करने के साथ बनेगा रास्ता :

मनरेगा योजना से बाढ़ नियंत्रण की योजनाओं के क्रियान्वयन का भी आदेश दिया है। इन योजना से तटबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ जलभराव से ग्रस्त इलाकों से जल निकासी का मार्ग बनाया जाएगा। इसके अलावा चौर की उड़ाही, जीर्णोद्धार और क्रॉस बांध का भी नर्मिाण कराया जाएगा, ताकि बाढ़ के दौरान होने वाली जानमाल की क्षति को कम किया जा सके। ग्रामीण विकास विभाग ने जिलाधिकारियों को ऐसे स्थलों को चह्निति कराने और योजना तैयार कर इसका क्रियान्वयन करने का नर्दिेश दिया है। वर्ष 2013 में ही केंद्र सरकार ने मनरेगा योजना के दिशा-नर्दिेश में बदलाव कर बाढ़ नियंत्रण की योजनाओं को शामिल किया था।

बाइट :

जिले की प्रत्येक प्रखंड में चेकडैम नर्मिाण किये जाएंगे। इसको लेकर जमीन चयन करने का काम किया जाएगा। योजना के साकार होने से सिंचाई में सुविधा मिलेगी। वैसे जगहों पर चेकडैम नर्मिाण किये जाएंगे, जहां सिंचाई की सुविधा नहीं है।

अखिलेश कुमार सिंह, डीडीसी

Avinash Roy

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